कोरोना काल में बेचे गए खादी ग्रामोद्योग में बने नौ लाख मास्क
बिजनौर। कोरोना काल में खादी ग्रामोद्योग को थोड़ा सहारा मिला है। कोरोना काल में जिले के खादी ग्रामोद्योगों के बनाए करीब नौ लाख मास्क बेचे गए हैं। इनकी कीमत एक करोड़ रुपये के आसपास है। अब भी ग्रामोद्योग इकाईयों में मास्क बनाने का काम चल रहा है।
जिले में खादी के कपड़ों का पहले काफी काम होता था लेकिन धीरे धीरे इनकी इकाईयां सिकुड़ने लगीं। हालांकि गर्मी के मौसम में इसके बने कपड़े ही सभी की पहली पसंद होते हैं। पिछले साल कोरोना की शुरूआत होने पर जिले की ग्रामोद्योग इकाईयों में मास्क बनाने का काम शुरू हो गया था। कोरोना काल में पिछले मार्च से इस साल की अप्रैल तक जिले की इकाईयों में बने नौ लाख मास्क बेचे गए हैं। ज्यादा मुनाफा न लेते हुए ये मास्क थोक में दस या 11 रुपये में बेचे गए। इससे ग्रामोद्योग इकाईयों को करीब एक करोड़ रुपये की कमाई हुई है। सबसे बड़ी बात यह है कि खादी ग्रामोद्योग इकाईयों को ऑर्डर मिले।
जिले में बने मास्क आसपास के जिलों यहां तक कि दिल्ली में भी बेचे गए। यह हाल तब था जब काफी लोगों ने घरों में बने मास्क का ही प्रयोग किया। साथ ही इकाईयों द्वारा करीब एक लाख मास्क जनता को नि:शुल्क भी बांटे गए हैं। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी अजय कुमार अग्रवाल के अनुसार जिले के खादी ग्रामोद्योग ने कोरोना काल में अच्छा काम किया है। यहां की इकाईयों में बने मास्क की बहुत डिमांड रही है।