मुनीर पर दर्ज हैं 35 मुकदमे
पुलिस की ओर से बताया गया कि मुनीर पर 35 मुकदमे दर्ज हैं। बिजनौर, दिल्ली, अलीगढ़ समेत अन्य राज्यों में मुनीर पर केस दर्ज हैं। मुनीर पर हत्या, लूट और अन्य अपराधों के 13 मुकदमे बिजनौर जिले में ही दर्ज हैं।
छावनी में तब्दील रहा जजी परिसर
मुनीर की पेशी को लेकर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए थे। खुद एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने सुरक्षा की कमान संभाल रखी थी। जजी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रही। बिना चेकिंग के किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। कोर्ट में जहां मुनीर को लाकर पुलिस की गाड़ी खड़ी की गई थी, उसके चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता, प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम समेत स्वाट और क्यूआरटी सहित भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही।
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रात में करीब एक बजे तंजील अहमद और उनका भाई रागिब दोनों अपनी गाड़ी से बैंक्वट हाल से निकले तो मुनीर व रेहान ने अपनी बाइक तंजील की गाड़ी के पीछे लगा ली। इसके बाद मौका पाते ही मुनीर ने गाड़ी चला रहे तंजील अहमद पर पिस्टल से गोलियां बरसा दीं।
पिस्टल से गोलियां दागने के बाद रेहान से रिवाल्वर लिया और फिर गोलियां बरसाईं। रागिब की पीछे से गाड़ी आती देख दोनों सहसपुर की ओर फरार हो गए। रेहान ने पुलिस को बताया कि जैनी से मुनीर ने अपनी बाइक, बैग लिया और रात में ही अकेला भाग निकला। दोनों अपने-अपने घर चले गए।
रेहान ने पुलिस को बताया कि तंजील ने एक बार उसकी फूफी से बदसलूकी की थी और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इस वजह से वह बदले की आग में झुलस रहा था और तंजील से बदला लेना चाहता था। आज कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई, जिसके बाद मुनीर को 10 साल की सजा का एलान कर दिया।