...दुश्मनों के सामने सर को झुकाना मत कभी
नजीबाबाद। कारगिल विजय दिवस पर बिजनौरी काव्य मंच की ओर से कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों ने राष्ट्र के अमर शहीद कारगिल शहीदों को काव्य रचना के माध्यम से नमन किया।
ऑनलाइन कारगिल विजय दिवस कवि सम्मेलन में प्रदीप डेजी की रचना कारगिल में जो हुआ उसको भुलाना मत कभी व दुश्मनों के सामने सर को झुकना मत कभी.., बिजनौर के रमेश राजहंस की रचना इस जहां को छोड़कर तुम किस जहां में जा बसे.., देहरादून के सतेंद्र शर्मा की रचना दुश्मनों की मांद में भी लिखते शौर्य गाथा जो वीर.., तपस अग्रवाल की रचना कारगिल वाले उस युद्ध के किस्से सेना की शौर्यगाथा हैं.., नजीबाबाद की प्रेमलता सरस की रचना हम एक भगत सिंह क्या बोलें यहां रोज भगत सिंह होते हैं.. रचना पेश कर राष्ट्र के अमर सपूतों का पुण्य स्मरण कर उन्हें नमन किया। ऑनलाइन कवि सम्मेलन में अमेरिका से डॉ. गीता शर्मा, मदन माहेश्वरी, हैदराबाद से शिखा जाखेटिया, दिल्ली से जयप्रकाश अग्रवाल, मयंक शर्मा, नरेंद्र जीत अनाम, डॉ. मोहसिन वली, कुमार शिवेंद्र, प्रवीण मठपाल सहित अनेक कवियों ने कारगिल शहीदों की शौर्य गाथाओं को शब्द रूप दिया।