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मुसलमान बुराइयों से बचें, इंसानियत का पैगाम दुनियां में दें

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धामपुर फल चौराहा स्थित जामा मस्जिद में नमाज अदा करते मुस्लिम। - फोटो : DHAMPUR
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मुसलमान बुराइयों से बचें, इंसानियत का पैगाम दुनियां में दें
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धामपुर। रमजान मुबारक में अलविदा जुमे की नमाज नगर की जामा मसजिद सहित अन्य सभी मस्जिदों में खुशनुमा माहौल में अदा की गई। नमाज से पहले उलमाओं ने तकरीर की। मुसलमानों से अल्लाह के नबी के तरीके और पांच वक्त की फर्ज नमाज अदा करने की ताकीद की। उन्होंने मुल्क की तरक्की, अमन, शांति और भाईचारे के लिए दुआएं मांगी।
नगर के फलचौक स्थित जामा मसजिद में अलविदा जुमे की नमाज शहर इमाम मुफ्ती मोहम्मद कमर कासमी ने अदा कराई। कहा कि इस्लाम दुनिया में मोहब्बत का पैगाम देने वाला धर्म है। जो अल्लाह के प्यारे नबी मोहम्मद मुस्तफा के तरीकों को अपनाकर जायज और हलाल तरीके से रोजी रोटी कमा अपने बच्चों की परवारिश करने का हुक्म देता है। उन्होंने मुसलमानों से बुराईयों से बचकर, हराम-हलाल का फर्क समझकर नबी के तरीकों को अपनाने पर जोर दिया। इंसानियत के पैगाम को दुनिया में हर इंसान तक पहुंचाने को प्रेरित किया। नमाज के बाद उन्होंने दुनिया में अमनो, अमान, देश की तरक्की, शांति, मुल्क में आपसी भाईचारा कायम करने के लिए दुआएं मांगी।
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वहीं पहाडी दरवाजा स्थित जामा मसजिद में मौलाना मोहम्मद असलम कासमी ने, महल सराय में कारी राशिद हमीदी, डिग्गी वाली मसजिद में मुफ्ती मोहम्मद दानिश कासमी, मस्जिद अल्लाह बख्श में मुफ्ती मोहम्मद आलम, तहसील वाली मस्जिद में कारी शराफत हुसैन, नई सराय वाली मस्जिद में मुफ्ती मोहम्मद खालिद, दिलशाद कालोनी वाली मस्जिद में कारी मोहम्मद इकराम व शहर की मस्जिदों में दीगर उलमाओं ने अलविदा जुमे की नमाज अदा कराई। उधर, मस्जिदों के बाहर सुरक्षा की दृष्टि से सीओ अजय अग्रवाल, कोतवाल पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
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