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मुसीबत में डरें नहीं, डटकर मुकाबला करें 

Wed, 28 Nov 2018 12:32 AM IST
amarujala
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file - फोटो : amarujala
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अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत विवेक कॉलेज में छात्राओं में आत्मरक्षा का विश्वास भरा गया। कॉलेज में ताइक्वांडो शिविर का आयोजन किया गया। छात्राओं को बताया गया कि उन्हें कमजोर समझकर उनसे छेड़छाड़ की जाती है, अगर छात्राएं मनचलों के सामने मजबूती से खड़ी हों और विरोध जताएं तो उनकी ओर गलत नजर से देखने की भी कोई हिम्मत नहीं करेगा। ताइक्वांडो की ट्रेनर ने छात्राओं को आत्मरक्षा के टिप्स दिए। 
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वक्ताओं ने कहा कि स्कूल-कॉलेज आते जाते छात्राओं को कई बार छेड़छाड़ का शिकार होना पड़ता है। विवाद के डर से वे अपने परिजनों से भी कुछ कह नहीं पाती हैं और न ही छेड़छाड़ का विरोध कर पाती हैं। अगर छात्राएं खुद को मजबूत बनाएं तो मनचलों से वे खुद ही निपट सकती हैं। छेड़खानी करने वाले छात्राओं को कमजोर मानकर ही इस तरह की हरकत करते हैं। अगर छात्राएं खुद को मजबूत बनाएं तो उनकी ओर कोई आंख उठाकर देखने की हिम्मत भी नहीं करेगा। छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ताइक्वांडो शिविर का आयोजन किया गया। 
शिविर में एसोसिएशन ऑफ बिजनौर के मुख्य सचिव अंकुर ने कहा कि छात्राओं को ताइक्वांडो और जूडो कराटे अवश्य सीखने चाहिए। इन्हें सीखने से छात्राओं के अंदर आत्मरक्षा का विश्वास जागता है। किसी भी प्रकार के खतरे के खिलाफ छात्राएं खड़ी हो सकती हैं। ताइक्वांडो और जूड़ो कराटे से प्रशिक्षित कई युवतियां छेड़खानी करने वाले मनचलों को सबक भी सिखा सकती हैं। छेड़खानी करने वालों को सबक सिखाकर ही उन्हें चुप किया जा सकता है। वर्णिका चौहान, असना जेदी, चेष्टा और शालिनी सक्सेना ने छात्राओं को आत्मरक्षा के टिप्स दिए। छात्राओं को ताइक्वांडो का अभ्यास भी कराया गया। इस दौरान कॉलेज कोआर्डिनेटर डॉ. हितेश शर्मा, प्राचार्या डॉ. दीप्ति डिमरी, प्रवक्ता निधि शुक्ला, शबाहत, अनुज शर्मा आदि भी मौजूद रहे। 
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कॉलेज चेयरमैन अमित गोयल ने कहा कि महिलाएं अगर आत्मरक्षा के लिए जागरूक हों तो फिर उनका उत्पीड़न ही खत्म हो जाएगा। अमर उजाला ने अच्छी पहल की है। वे भी समय समय पर कॉलेज में ऐसे शिविर आयोजित करेंगे। 

छात्रा ईरमनाज ने कहा कि विद्यालयों में ताइक्वांडो जैसी विधाएं अनिवार्य रूप से कोर्स में शामिल की जानी चाहिए। छात्राएं जब तक अपनी आत्मरक्षा के लिए जागरूक नहीं होंगी उन्हें छेड़खानी जैसी हरकतों को सहन करना ही होगा। 

छात्रा गुल परवेज का कहना है कि छात्राओं को अपनी आत्मरक्षा के लिए जागरूक होना ही होगा। अमर उजाला द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए जागरूक किया जाना सराहनीय पहल है। सभी स्कूलों में छात्राओं को आत्मरक्षा के टिप्स दिए जाने चाहिए।
 
अफशा के अनुसार छात्राएं भी खुद को ही कमजोर समझती हैं। अगर छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर आएं तो उनके अंदर आत्मविश्वास भी आएगा। गली मोहल्लों में भी ऐसे कैंप आयोजित होने चाहिए।
 
सबदीन के अनुसार छात्राएं अब आत्मरक्षा के लिए जागरूक हो रही हैं। लेकिन स्कूल कॉलेज में आत्मरक्षा के लिए कैंप कम ही किए जाते हैं। अमर उजाला द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करना बड़ा कदम है।
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