दस हजार से ज्यादा महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं
धामपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत अल्हैपुर ब्लॉक में 937 स्वयं सहायता समूहों में करीब 10 हजार से अधिक महिलाएं विभिन्न रोजगारों के माध्यम से 10 करोड़ रुपये का वार्षिक टर्न-ओवर कर रही है। इन महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से करीब 50 लाख रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इन महिलाओं का कहना है कि वह जब से मिशन से जुड़ी है, तब से वह विभिन्न उत्पादों को तैयार कर रही हैं और अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रहीं हैं।
अल्हैपुर ब्लॉक क्षेत्र की 85 ग्राम सभाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत 10 से 15 महिलाओं का समूह बनाया जाता है। समूह में जो महिलाएं शामिल होती हैं, उनकी रुचि के अनुसार उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। धामपुर ब्लॉक में 937 स्वयं सहायता समूह हैं और इनमें 10,153 महिलाएं चटाई बुनाई, किचन गार्डन, गन्ना पौध नर्सरी, मछली पालन, दुग्ध डेयरी आदि रोजगारपरक दायित्वों को अंजाम दे रही है। इसके लिए सरकार की तरफ से अधिकांश समूहों को 50 लाख रुपये का ऋण दिया जा चुका है। हालांकि डेढ़ करोड़ से अधिक ऋण पाने के लिए फाइलें तैयार हैं लेकिन बैंकर्स लोन उपलब्ध कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इस बाबत तहसील क्षेत्र के अधिकांश बैंकों के अधिकारियों की 24 नवंबर को मिशन अधिकारियों की ओर से बैठक ब्लॉक के ड्वाकरा हॉल में होगी।
राशन की दुकानों पर भी कर रही खाद्यान्न का वितरण
धामपुर। ब्लॉक मिशन मैनेजर राजकुमार बताते हैं कि ये महिलाएं वर्तमान में मनरेगा में श्रमिक से लेकर बिजली के बकाया बिलों को जमा करने में भी बढ़चढ़कर योगदान दे रही हैं। साथ ही राशन की दुकान पर उपभोक्ताओं को राशन वितरण का कार्य इन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लाभार्थियों को पोषाहार बांट रही हैं।