कंपोजिट ग्रांट में गड़बड़ी, शिक्षिका की रोकी सैलरी
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में भेजी गई कंपोजिट ग्रांट को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। बीएसए ने सोमवार को कई प्राइमरी व उच्च प्राइमरी विद्यालयों का निरीक्षण किया। कंपोजिट ग्रांट में गड़बड़ी मिलने पर दो शिक्षिकाओं की जुलाई की सैलरी रोक दी है तथा एक शिक्षिका का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। बीएसए ने शिक्षकों से आधे-अधूरे कार्य को कंपोजिट ग्रांट के माध्यम से जल्द ही पूरा कराने को कहा है।
सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महेश चंद ने ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के कई स्कूलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में पाई गई अनियमितता पर बीएसए ने नाराजगी जताई। उच्च प्राथमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय रावली में कंपोजिट ग्रांट से कार्य पूरे नहीं होने पर शिक्षकों को फटकार लगाई तथा बीएसए ने इंचार्ज शिक्षिका पूनम रानी की जुलाई महीने की सैलरी पर रोक लगा दी है। दूसरी ओर बीएसए ने प्राथमिक विद्यालय इटावा में बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण संतोषजनक नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। कंपोजिट ग्रांट व रखरखाव पर भी नाराजगी जताई। बीएसए ने बताया कि प्रधानाध्यापिका नसीम फातमा की जुलाई की सैलरी रोकने के निर्देश दिए गए हैं तथा एक शिक्षिका अलका रानी के विद्यालय में अनुपस्थित होने के कारण एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय चांदपुर फेरू का भी निरीक्षण किया गया तथा बच्चों के खाद्यान्न वितरण व पुस्तक वितरण की जानकारी ली गई। बीएससी ने बताया कि जिले के सभी शिक्षकों से कंपोजिट ग्रांट के रूप में विद्यालयों को प्राप्त हुई धनराशि का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी स्कूल शिक्षकों को शत-प्रतिशत बच्चों को निशुल्क पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध कराने को कहा है। बच्चों के अभिभावकों को स्कूलों में बुलाकर उन्हें पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाए। शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था के माध्यम से शिक्षण कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों को सुंदरीकरण पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। स्कूलों में समयबद्धता का शासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।