बिजनौर के परिषदीय स्कूलों में भेजे गए त्रुटिपूर्ण रिजल्ट कार्ड।
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बिजनौर में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से समय पर रिजल्ट कार्ड आनन फानन में पहुंचने से शिक्षक परेशान रहे। रिजल्ट कार्ड में गलतियों की भरमार है। कार्ड देखने में रंग बिरंगे जरूर हैं पर क्वालिटी बेहद घटिया है। कार्ड से प्राप्तांक और पूर्णांक के कालम ही गायब हैं। अधिकांश स्कूलों में दोपहर 12 बजे के बाद रिजल्ट कार्ड बनाने के लिए भेजे गए। पर गजट सीट का अभी भी कोई अता पता नहीं हैं। आनन फानन में प्रकाशित कराई सामग्री में लाखों रुपये डूबो दिए गए है। शिक्षकों ने मामले की जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
परिषदीय स्कूलों में करीब दो लाख छात्र-छात्राओं ने वार्षिक परीक्षा दी है। रिजल्ट कार्ड बनवाने में करीब पांच लाख का खर्चा आया है। कक्षा एक की मौखिक परीक्षा कराने के आदेश थे। जबकि कक्षा दो से लेकर आठ तक की परीक्षा 23 मार्च को समाप्त हो गई थी। 30 मार्च को परीक्षाफल घोषित होना था। पर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बुधवार तक भी शिक्षकों को गजट सीट और रिजल्टकार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए थे। बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे के बाद स्कूलों में रिजल्ट कार्ड भेजने शुरू किए। स्कूलों में पहुंचे रिजल्ट कार्ड देख कर शिक्षक भी हैरान हैं। कार्ड से नैतिक शिक्षा का कॉलम गायब है। पूर्णांक और प्राप्तांक के कॉलम भी गायब है। इतना ही नहीं छात्रों को ग्रेडिंग का क्रम भी उल्टे क्रम में प्रकाशित किया गया है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नागेश कुमार व मंत्री प्रशांत सिंह , जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी अंगजीत सिंह ने मामले की जांच कर कार्रवाई कराने की मांग की है।