शनिवार को डीआईओएस अमरोहा ने अपनी टीम के साथ जिले के दस प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण कर मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को देखा।
डीआईओएस ने बताया कि उन्होंने बिजनौर के जिन स्कूलों का निरीक्षण किया है, उनमें बच्चों को फल नहीं वितरित किए जाने की शिकायत मिली है।
रसोईघरों की साफ सफाई भी ठीक नहीं हो रही है। भोजन में ब्रांडेड मसालों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। गांव बैरमाबाद के स्कूल में तीन स्कूलों के बच्चों का भोजन एक ही स्थान पर बनता पाया गया।
स्कूल में भोजन बनाने का स्थान तक उचित नहीं है। यहां पर 172 बच्चों का भोजन बन रहा था। उन्होंने तीनों स्कूलों का अलग अलग भोजन बनवाने के निर्देश दिए। स्कूलों में बच्चों को फल वितरित नहीं करने पर शिक्षकों को फटकार भी लगाई गई है।
इसके बाद उन्होंने नगर क्षेत्रों में भोजन वितरित करने वाली संस्थाओं की रसोईघरों का भी निरीक्षण किया। इनमें भी अनियमितता मिली है। इसके उपरांत डीआईओएस ने बीएसए कार्यालय पहुंच कर जिले के सभी बीईओ, मध्याह्न भोजन के डीसी व अन्य कर्मचारियों की बैठक ली।
बीईओ को समय-समय पर मध्याह्न भोजन की व्यवस्था देखने के निर्देश दिए हैं। बाद में डीआईओएस व नोडल अधिकारी ने सीडीओ से भी भेंट की तथा स्कूलों की भोजन व्यवस्था के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि स्कूलों के किए गए निरीक्षण की आख्या शासन को भेज दी है।
इन स्कूलों का किया निरीक्षण
नोडल अधिकारी व डीआईओएस अमरोहा रमाज्ञाराम ने अपनी टीम के साथ जिले के जूनियर हाई स्कूल लिंडरपुर, प्राथमिक विद्यालय कुंडा बल्दाना, आकू, बैरमाबाद गढ़ी, खेड़की, रघुनाथपुर, कुंडा भागैन, धर्मपुरा, जूनियर हाई स्कूल अगरी तथा प्राथमिक विद्यालय रवाना के स्कूलों में निरीक्षण किया है। नोडल अधिकारी के निरीक्षण से स्कूलों के शिक्षकों में हड़कंप मचा रहा।