नजीबाबाद। नवाब नजीबुद्दौला ने 1751 में नजीबाबाद को बसाया था। नवाबी इमारतें आज भी नजीबुद्दौला के जमाने की कलात्मक कारीगरी और उनके कलानुराग की जीती जागती मिसाल हैं। अब उद्योगपति साहू अवधेश अग्रवाल की विवाहिता पुत्री मेघना अग्रवाल (32) दिल्ली विश्वविद्यालय से नवाब नजीबुद्दौला पर शोध कर रही हैं।
रेलवे स्टेशन रोड स्थित नवाब नजीबुद्दौला के मकबरे से लगे चंद्राहाउस परिसर में नगर का प्रतिष्ठित साहू परिवार रहता है। आर्ट एंड कल्चर इन द टाइम ऑफ नवाब नजीबुद्दौला विषय से शोध कर रहीं मेघना कहती हैं कि नवाब नजीबुद्दौला के मकबरे पर सर्वधर्म सद्भाव की भावना से प्रत्येक बृहस्पतिवार को श्रद्घालु आते हैं। उन्होंने नगर को बसाया, अनेक कलात्मक इमारतों के जरिए नगर को पहचान दिलाई लेकिन उन पर ढाई शताब्दी से अधिक समय बीतने के बावजूद किसी ने शोध नहीं किया। इसलिए उन्होंने नवाब नजीबुद्दौला पर शोध करने का मन बनाया। इस कार्य में उनके पिता साहू अवधेश अग्रवाल और परिजन प्रेरणास्रोत बने।