तिरंगा मेरे भारत का लहराता रहे शान से, फिर बने विश्वगुरु भारत आध्यात्मिक ज्ञान से..
नजीबाबाद (बिजनौर)। साहित्यिक संस्था मेरी कलम की ओर से काव्य गोष्ठी में कवियों ने देशभक्ति गीतों और रचनाओं से लोगों में देश भक्ति का जज्बा जगाया। कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी।
गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में पूर्व अधिकारी विधु भूषण की अध्यक्षता में आयोजित काव्य गोष्ठी का शुभारंभ ऊषा श्रीवास्तव ने सरस्वती वंदना से किया। कार्यक्रम में विधु भूषण त्रिवेदी ने जहां तलवारें सर झुकाती हैं, कलम इतिहास के पन्ने संजोती है.., मुख्य अतिथि डॉ. मीरा राम निवास ने तिरंगा मेरे भारत का लहराता रहे शान से, फिर बने विश्वगुरु भारत आध्यात्मिक ज्ञान से.., वंदना रायजादा ने शाखों पे झूम झूम के हिलते रहें सदा, अपने चमन के फूल ये खिलते रहें सदा.., डॉ. मंजु जौहरी मधुर ने मैं अपने देश के गणतंत्र का सम्मान करती हूं, तिरंगा हो कफन मेरा यही अरमान करती हूं.., डॉ. सारंगा ने भारत विजय के शुभ गीत गाऊं, जय हिंद कहकर मां को सुलाऊं.., डॉ. सतेंद्र गुप्ता ने भारत का गणतंत्र सबसे महान है, भारत के गणतंत्र की जग में शान है.. समेत नीरज कांत सोती, राजकुमार वर्मा, सुमन वर्मा, ऊषा श्रीवास्तव, कविता नामदेव, प्रतिभा पुरोहित ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। संवाद