बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) कल्पना पांडेय ने छह वर्षीय बच्चे को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ कुकर्म करने के मामले में शाने आलम को दोषी पाया। कोर्ट ने शाने आलम को 25 साल के कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अफजलगढ़ के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि नौ मई 2025 की शाम करीब छह बजे उसका छह वर्षीय बच्चा घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान गांव का ही शाने आलम उसे गाने सुनाने के बहाने ले गया। उसने बच्चे के साथ कुकर्म किया गया। घटना की जानकारी बच्चे ने घर पहुंचकर अपने माता-पिता को दी। इसके बाद परिजनों ने बच्चे को दवा दिलाई। अगले दिन 10 मई को परिजनों ने थाने में शाने आलम के खिलाफ तहरीर दी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी शाने आलम को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने पूर्व में जेल में बिताई अवधि को सजा में समायोजित करने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने शाने आलम को 25 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।