बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट कल्पना पांडे ने आठ साल की बालिका से दुष्कर्म में अभियुक्त शाहिद को दोषी पाया है। जिसे 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 55 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
एडीजीसी भालेंद्र राठौड़ ने बताया कि नगीना निवासी एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि 13 नवंबर 2025 को यूकेजी में पढ़ने वाली उसकी आठ साल की बेटी स्कूल से घर लौट रही थी। रास्ते में इमली के पेड़ के नीचे शाहिद ने उसकी बेटी को चॉकलेट दी और अपने घर ले गया। शाहिद ने उसकी बेटी के कपड़े उतार कर गलत काम किया। इसके बाद आरोपी ने 10 रुपये देकर उसे घर भेज दिया। साथ ही किसी को बताने पर पिटाई करने की धमकी दी।
घर पहुंचने पर बालिका के भाई ने उसके पास पैसे देखे तो मम्मी को जानकारी दी। बेटी से पैसों के बारे में पूछने पर उसने मां को पूरी बात बता दी। आरोपी शाहिद पिछले कई दिनों से बालिका को आते-जाते टॉफी देता था। कभी कभार 10 या 20 रुपये भी दे देता था। पुलिस ने आरोपी मोहम्मद शाहिद पुत्र अब्दुल वहीद निवासी मोहल्ला लुहारी सराय मुनीम चौक नगीना को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था। इसके बाद विवेचना करते हुए आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत ने सुनवाई के बाद अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।