मंडावली में पुलिस के रविदास मंदिर से लाउडस्पीकर उतारने से दलित समाज में रोष है। उनका आरोप है कि थाने में हुई बैठक में हिंदू व मुस्लिम पक्ष के लोगों में कोई मतभेद न होने के बावजूद पुलिस ने लाउडस्पीकर उतारकर दलित उत्पीड़न किया है।
दरअसल, बुधवार देर शाम मंडावली पुलिस को किसी व्यक्ति ने फोन कर कहा था कि गांव सिकरौड़ा में रोजा इफ्तार के समय रविदास मंदिर से लाउडस्पीकर बजाया जा रहा है। इससे रोजदारों को परेशानी हो रही है। गांव पहुंची पुलिस ने ग्राम सुभाष त्यागी से जानकारी की तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को बृहस्पतिवार सुबह थाने बुलाया था।
थानाध्यक्ष एसपी सिंह की मौजूदगी में हिंदू व मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच बातचीत हुई। मुस्लिम पक्ष के फुरकान, यामीन, साजिद ने किसी असामाजिक तत्व द्वारा पुलिस को फोन कर गुमराह करने की बात कही। हिंदू समुदाय के करन सिंह, नरेश कुमार, काले सिंह ने बताया कि रोजा इफ्तार के समय रविदास मंदिर पर न तो कभी लाउडस्पीकर बजा है और न बजेगा।
उन्होंने क्षेत्र के दोनों समुदाय के लोगों के बीच बेहतर तालमेल की बात कही। बृहस्पतिवार दोपहर बाद मंडावली पुलिस ने रविदास मंदिर से लाउडस्पीकर उतरवा दिया। इस पर नरेश कुमार, काले सिंह एवं करन सिंह ने मंडावली थानाध्यक्ष पर दलितों की भावनाओं से खिलवाड़ करने और बिना वजह रविदास मंदिर से लाउडस्पीकर उतरवाने का आरोप लगाया। सीओ रामानंद कुशवाहा का कहना है कि अंबेडकर जयंती के समय अस्थायी रूप से लगाए गए लाउडस्पीकर उतारे नहीं गए थे। पुलिस ने लाउडस्पीकर उतरवाए हैं।