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राष्ट्रीयकृत बैंकों में लटके ताले

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राष्ट्रीयकृत बैंकों पर लटके ताले
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बिजनौर। बैंकों के निजीकरण के विरोध में जिले भर में राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल रही। बैंकों पर ताले लटके रहे। बैंक कर्मचारियों ने जगह जगह प्रदर्शन किया। बैंकों की हड़ताल की वजह से करीब 250 करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ है। मंगलवार को भी बैंकों में हड़ताल रहेगी।
सोमवार को पीएनबी, एसबीआई, प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक, इंडियन बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि की 339 ब्रांच पर ताले लटके रहे। पीएनबी प्रोग्रेसिव एंप्लॉयज एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने सर्किल ऑफिस पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व शशिकांत, ज्ञानेंद्र मिश्रा, सौरभ गुप्ता, बीएन त्रिपाठी ने किया। इस दौरान सरोवर लाल, नरेश सिंह, सूरज रावत, भूपेंद्र सुमन, रंजन सिंह, दीपक चौधरी, निखलेश तिवारी, गगन कुमार आदि मौजूद रहे। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों ने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक अधिकारी एसोसिएशन व कर्मचारी यूनियन के बैनर तले क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बैंकों के निजीकरण को खत्म करने की मांग की। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश गुप्ता को ज्ञापन दिया गया। इस दौरान संजय शर्मा, राजीव शर्मा, स्वतंत्रवीर सिंह, रवि कुमार, विनीत कुमार, आलोक द्विवेदी, प्रदीप कुमार, राहुल देशवाल, सुरेंद्रपाल सिंह, सुनील राजपूत, चाहत मेहरा, ललित कटारिया आदि मौजूद रहे।
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एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर एसबीआई कर्मचारियों ने मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया। मुख्य प्रबंधक नौबहार सिंह ने निजीकरण के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। कहा कि राष्ट्रवाद का चोला पहनकर राष्ट्र को चौपट करने का काम किया जा रहा है। देश की आर्थिक संप्रभुता की रक्षा करना बैंक कर्मचारियों का धर्म है। शाखा सचिव मोहित कुमार ने कहा कि हड़ताल छुट्टी का नहीं बल्कि सड़क पर उतरकर आंदोलन करने का दिन है। इस दौरान अनिल विश्नोई, सुमिरन पाल, महेश चंद्रा, जितेंद्र कुमार, नीरज कुमार, अंशिका सेठी, अजय सूद, शुभि चौधरी, शुभांकर आदि मौजूद रहे।
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एटीएम में पैसे नहीं होने से हुई परेशानी
बैंकों की हड़ताल की वजह से कई एटीएम में पैसा भी नहीं रखा गया। एसबीआई की मुख्य शाखा की दोनों मशीनें पैसे से खाली हो गईं। उपभोक्ताओं को हड़ताल की वजह से परेशानी उठानी पड़ी।
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