बिजनौर। कौन हिंदू, कौन मुस्लिम, कौन सिख सरदार है, चीरकर देखो नसों को खून की एक धार है। एक शायर का यह शेर बिजनौर के हाजी हसीन अंसारी पर बिल्कुल सटीक बैठता है। हाजी हसीन अंसारी ने बिजनौर के ही शिवराज सिंह चौहान की गंभीर बीमारी से पीड़ित 12 वर्षी पुत्री सोनाली को अपना खून देकर उसकी जान बचाई है।
नगर के मोहल्ला खत्रियान निवासी हाजी हसीन अंसारी ने रमजान माह में शिवराज सिंह की 12 साल की मासूम बेटी सोनाली को अपना ब्लड देकर उसकी जान बचाई। यह नेक काम कर हाजी हसीन ने हिंदू-मुस्लिम एकता में नफरतों का जहर खोलने वालों को सीख देते हुए बता दिया है कि जनपद बिजनौर की गंगा जमुनी तहजीब को कोई भी धूमिल नहीं कर सकता। उन्होंने कि वर्तमान में उनके रोजे चल रहे हैं। उन्हें कोई भी नेक काम करने बड़ा ही सुकून मिलता है। हाजी अहसान ने सभी लोगों से अपील की है कि जिले के सभी लोग हिंदू मुस्लिम एकता को कायम रखने के लिए बिना किसी द्वेष भावना के एक-दूसरे का सहयोग करें। क्योंकि मानवता से बड़ी कोई सेवा ही नहीं है। रमजान का पाक महीना अल्लाह ताला की इबादत करने का है। जो लोग जरूरतमंदों की मदद करते हैं, उन पर अल्लाह की रहमत बरसती है।