कासमपुर गढ़ी के अस्पताल परिसर में पेड़ के नीचे विभागीय कार्य करते कुष्ठ रोग निरीक्षक। संवाद
पीएचसी में कुष्ठ रोग निरीक्षक को नहीं मिला कोई कक्ष
कासमपुर गढ़ी। पीएचसी स्थित कुष्ठ रोग विभाग के पास अपना कोई कक्ष नहीं है। इसके चलते कुष्ठ रोग निरीक्षक को एक पेड़ के नीचे बैठकर विभागीय कार्य एवं रोगियों का परीक्षण करना पड़ रहा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कासमपुरगढ़ी में कुष्ठ रोगियों को खोजने के लिए अलग से विभाग है। यहां कुष्ठ रोगियों की जांच और परामर्श कर उपचार किया जाता है। हर माह दो कुष्ठ रोगी नए सामने आते हैं, जिनको उचित परामर्श देकर उपचार किया जाता है। कुष्ठ रोग निरीक्षक कृपाल सिंह ने बताया कि अभी तक वर्तमान में ब्लाॅक क्षेत्र में 19 रोगी उपचाराधीन हैं, जिनमें दो रोगियों का उपचार पूर्ण हो गया है। 17 रोगियों का उपचार चल रहा है।
उन्होंने बताया कि कभी जांच में गंभीर रोगी मिलने पर उसको जिला अस्पताल अथवा हल्द्वानी या ऋषिकेश एम्स भेजा जाता है। अति गंभीर रोगी होने पर उसे आगरा स्थित जालमा उपचार के लिए भेजा जाता है। बताया गया कि दवाइयां तो पर्याप्त हैं लेकिन उनके बैठने के लिए कोई कक्ष की व्यवस्था नहीं है। उन्हें अस्पताल परिसर में ही इधर-उधर या पेड़ के नीचे बैठ अपना कार्य करना पड़ रहा है।
इस संबंध में कार्यवाहक प्रभारी चिकित्साधिकारी सर्वेश निराला ने बताया कि पूर्व में दिया गया कक्ष क्षतिग्रस्त हो गया है। अधिकारियों को अवगत कराया गया है। शीघ्र ही कक्ष की व्यवस्था कराने के प्रयास किया जाएगा।