बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमपी सिंह ने महिला पर हुए जानलेवा हमले के मामले में आरोपी ललित की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
थाना नहटौर के गांव जलालपुर तुर्क निवासी मोहित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी 23 अक्टूबर 2015 को सुरभि पुत्री जबर सिंह निवासी गांव करौली से हुई है। पांच-छह महीने से उसकी पत्नी उसके एवं उसके माता-पिता के साथ कहासुनी, विवाद कर रही थी। केस भी उनके विरुद्ध में भी लिखा रखे थे।
तीन अक्तूबर 2024 को दिन में एक बजे उसकी माता शोभा देवी घर में अकेली सो रही थी। पिता कबड्डी मैच देखने गए हुए थे।
इस दौरान सुरभि अपने दो अज्ञात साथियों के साथ घर में घुस आई। उसने अपनी सास शोभा देवी को जान से मारने की नीयत से अपने साथियों के साथ चाकू से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
शोर मचाने पर यह लोग भाग गए। घायल अवस्था में उसकी माता शोभा देवी पड़ोसी के यहां जाकर बेहोश हो गई। उसकी माता को उसके पिता घायल अवस्था में अस्पताल में लेकर आए।
शोभा देवी के सिर, सीने, हाथ में चाकू की नौ चोट पाई गई। पुलिस विवेचना में यह बात सामने आई कि शोभा देवी पर हुए जानलेवा हमले में सुरभि के साथ ललित निवासी केलनपुर भी शामिल था।
कोर्ट ने माना कि शरीर पर आई नौ चोट बताती है कि इनका इरादा शोभा देवी को जान से मारने का था। यह गंभीर प्रकृति का अपराध है। ललित की जमानत निरस्त की जाती है।