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किराए पर चलवाई जाएंगी मजदूरों की साइकिल

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किराए पर चलवाई जाएंगी मजदूरों की साइकिल
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बिजनौर। कोरोना काल में दूसरे राज्यों से पलायन करके अपने घरों को गए मजदूरों की साइकिल लेने के लिए उन्हें बुलाया जा रहा है। मजदूरों को फोन करके साइकिल लेने या इसकी राशि लेने के लिए बुलाया जाएगा। सहमति न जताने पर प्रशासन मजदूरों की साइकिल किराए पर चलाएगा।
बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग काफी संख्या में पंजाब, हरियाणा व उत्तराखंड में काम करते हैं। लॉक डाउन लगने पर ये लोग बिजनौर से होते हुए अपने घरों को लौटे थे। इन लोगों ने सैकड़ों किलोमीटर का सफर साइकिल से तय किया था। कई मजदूरों ने तो अपने पड़ोासियों से दोगुने दामों पर साइकिल खरीदकर यात्रा शुरू की थी। बाद में प्रदेश सरकार के निर्देश पर इन लोगों को बसों व ट्रेन से इनके गंतव्यों तक भेजा गया था। इनकी साइकिल प्रशासन ने ग्राम प्रधानों के पास जमा करा दी थी। अब प्रशासन ने इन साइकिलों को ले जाने के लिए मजदूरों से संपर्क करने की योजना बनाई है। बिजनौर तहसील में मजदूरों की करीब 350 साइकिल जमा हैं। प्रशासन ने साइकिल के मालिकों के मोबाइल नंबर लिए थे। अब मजदूरों से फोन पर संपर्क किया जाएगा और साइकिल ले जाने के लिए कहा जाएगा। जो मजदूर साइकिल बेचने की बात कहेंगे प्रशासन उनकी साइकिल भी बेचकर उनका भुगतान करेगा। अगर कोई मजदूर साइकिल बेचने से भी मना करता है या फिर उससे मोबाइल पर संपर्क नहीं हो पाता है तो प्रशासन उसकी साइकिल किराए पर चलाने की योजना बना रहा है। जिन्हें साइकिल की जरूरत है उन्हें दैनिक किराए पर आईडी जमा करके साइकिल किराए पर देने की योजना बनाई जा रही है।
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अपने स्तर से करा रहे मरम्मत
तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि साइकिल ग्राम प्रधानों के आवास से मंगवा ली गई हैं। प्रशासन अपने स्तर से इन साइकिलों की मरम्मत करा रहा है। साइकिल मालिकों द्वारा दिए गए नंबर पर फोन करके उनसे साइकिल ले जाने के लिए कहा जाएगा। बाकी परिस्थितियों के अनुसार काम किया जाएगा।
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