खटारा बस ने निकाला यात्रियों का पसीना
धामपुर (बिजनौर)। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की खटारा बस यात्रियों की मुसीबत बनी हुई हैं। हालत यह है कि सफर करने से पहले यात्रियों को बसों में धक्का लगाकर उन्हें पहले स्टार्ट कराना पड़ता है। यदि रास्ते में कहीं खटारा बंद हो जाए तो इस सर्दी के मौसम में फिर से उन्हें बस में धक्का लगाना पड़ता है। सोहराबगेट डिपो मेरठ की एक बस धामपुर में इसी तरह यात्रियों की मुसीबत बन गई।
सोमवार रात सोहराबगेट डिपो एक की एक धामपुर रोडवेज बस स्टैंड पर जाकर खड़ी हो गई। मंगलवार सुबह बस को सवारियां लेकर धामपुर से मेरठ आना था। बस में यात्री बैठ गए, लेकिन बस स्टार्ट नहीं हुई। बस के चालक और परिचालक ने यात्रियों की मदद से धक्का लगवाकर बस को स्टार्ट किया तो तब कहीं जाकर बस मेरठ के लिए रवाना हुई। लेकिन सर्दी के मौसम में बस में धक्का लगा रहे यात्रियों की हालत खराब हो गई। यात्री दिनेश कुमार, करन सिंह, कल्याण सिंह, मितान सिंह ने बताया कि गैर डिपो की जितनी भी निगम की बसें यहां से रवाना होती हैं। वे सभी खटारा हैं। कई बसों में तो खिड़की में शीशे तक नहीं है। सीटों की गद्दी भी फटी है। यात्रियों को कड़ाके की ठंड में मजबूरी में निगम की बसों में सफर करना पड़ रहा है। सोहराबगेट डिपो मेरठ के एआरएम राजीव यादव का कहना है कि बस की जांच कराने के बाद ही बताया जाएगा कि उसमें क्या खराबी थी। इस संबंध में चालक और परिचालक से बात की जाएगी। धामपुर रोडवेज डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एलके त्रिवेदी ने बताया कि धामपुर डिपो पर केवल 56 अनुबंधित बस हैं। लेकिन गैर क्षेत्रों की मिलाकर यहां से प्रतिदिन 289 बसों का संचालन होता है।