फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जरायम की दुनिया में कूद तो गया जॉनी पर हालातों ने दिया उसे तोड़

विज्ञापन
विज्ञापन
दिमाग में खून खराबा लिए घूमता रहा जॉनी
विज्ञापन

बिजनौर। एक लाख के इनामी बदमाश अश्वनी उर्फ जॉनी ने अपराध जगत में कूदने के अपने इरादे तो पहले से बता दिए थे। फेसबुक पर उसने अपनी पूरी कहानी बयां कर दी थी। सांसद से लेकर विधायक तक उसके निशाने पर थे। जॉनी ने साफ कह दिया था कि जब वह हथियार उठाएगा तो सब उसे देखेंगे। फेसबुक पर उसने अपने ऊपर इनाम पहले ही घोषित कर दिया था। साथ ही एक अर्थी बनाकर अपनी ओर इशारा किया था। जॉनी के फेसबुक पर इरादे देखकर सबको लगा कि वह बदले की आग में बुरी तरह सुलग रहा है।
अश्वनी उर्फ जॉनी हथियार उठाकर वह अकेला ही कूद गया। उसने यह नहीं देखा कि ज्यादा दिन तक वह इस तरह नहीं जी सकता है। हालातों ने उसे बुरी तरह तोड़ दिया। जॉनी के पास एक बैंग मिला है। बैग में केवल एक जोड़ी कपड़े थे। जेब में 120 रुपये, एक पिस्टल, 16 कारतूस, एक जैकेट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, इनकम टैक्स का एक सर्टिफिकेट भी मिला है। इसके अलावा बैग में और कुछ नहीं था। एक बैग के सहारे ही वह दुश्मनों का खात्मा करने के लिए निकला। उसके पास छिपने व सोने के लिए कोई जगह नहीं थी। खाने के लिए जेब में पैसा नहीं था। किसी से मदद नहीं मिल पा रही थी, तो शरण भी नहीं ले पाया था। 26 सितंबर के बाद से उसने अपना मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नहीं किया था, जिससे साफ है कि वह किसी के संपर्क में नहीं था। वह बस अकेले ही अपराध करता घूम रहा था। पहले पुलिस को लगा कि हत्या करने से पहले जॉनी ने कोई घातक प्लान बनाया है। उसी प्लान के तहत वह अपराध कर रहा है। जॉनी के खुदकशी करने के बाद पुलिस को राहत मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नौ दिन में कर दिया नाक में दम
26 सितंबर के बाद से 5 अक्तूबर तक महज नौ दिन में अश्वनी उर्फ जॉनी अपराध की दुनिया का खतरनाक नाम बन गया था। उसने तीन हत्याएं की। तीनों लोगों की हत्या करते समय कुल 13 गोलियां बरसाईं। जॉनी ने 26 सितंबर को राहुल व कृष्णा को मौत के घाट उतारा। 30 सितंबर को नितिका को मार डाला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें