‘वित्तविहीन कालेजों के शिक्षकों का जल्द भला होगा’
धामपुर। बरेली-मुरादाबाद स्नातक खंड के विधान परिषद सदस्य जयपाल सिंह ने कहा कि जल्द ही प्रदेश के वित्तविहीन कालेजों में कार्यरत लाखों शिक्षकों का भविष्य उज्ज्वल होगा। इसके लिए प्रदेश के सभी शिक्षक विधायकों द्वारा एक होकर सरकार से सामूहिक तौर पर प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रदेश के वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के जीवन कल्याण के लिए सेवा नियमावली तो तैयार कर दी है, लेकिन अभी उसे लागू नहीं किया जा सका है। वह सेवा नियमावली को जल्द लागू कराने के लिए संघर्षरत है।
रविवार को एक वार्ता में जयपाल सिंह ने कहा कि इस बात को वह भी समझ पाए है कि जब सेवा नियमावली तैयार हो गई तो सरकार उसे लागू करने में देरी क्यों कर रही है, जबकि यह सरकार की प्राथमिकताओं में से एक महत्वपूर्ण मुद्दा शामिल रहा है। वह जब से एमएलसी बने हैं। तब से संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि उनका यह भी प्रयास चल रहा है कि जो शिक्षक पंचायत चुनाव में कोरोना संक्रमण में मर गए हैं। सरकार उनके आश्रितों को भी स्थायी नौकरी के साथ उनकी आर्थिक सहायता भी करें। उन्होंने स्वीकार किया कि वाकई में प्रदेश के वित्तविहीन टीचरों की हालत बद से बदहाल है। सरकार को अब तक इनकी बदहाली को देखते हुए बेहतर कर देना चाहिए था। दो सालों से कोरोना के कारण बंद पड़े कालेजों में फीस न आने से प्रबंधकों ने इन शिक्षकों का वेतन भी देना बंद कर दिया है। अब जैसे-जैसे ही कोरोना संक्रमण कम होगा और कालेज खुलने शुरू होंगे तो इन कालेेजों में फीस आएगी और प्रबंधन फिर से इन शिक्षकों को वेतन देने का प्रयास करेंगे, पर इससे पहले प्रदेश की सरकार को इन शिक्षकों के हितों के बारे में अब तक सोच लेना चाहिए था। उन्हें प्रदेश की भाजपा सरकार से पूरी उम्मीद है कि वह जल्द ही प्रदेश के वित्तविहीन शिक्षकों का भला करेंगे।