बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना की प्रारंभिक तैयारी आज से शुरू होगी। प्रशासन में मतदान कराकर लौटे तमाम कर्मचारियों के संक्रमित होने की खबरों से बेचैनी है। प्रशासन के लिए भी मतगणना केंद्र पर कोरोना से बचाव की व्यवस्था बनाना चुनौती होगा। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने मतगणना एजेंट के लिए सीएमओ का कोरोना टेस्ट प्रमाण पत्र अनिवार्य करने की मांग उठाई है।
वोटों की गिनती दो मई को होगी। मतपेटियां कड़ी सुरक्षा में ब्लॉक स्थित स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं। दावेदारों की निगाह अब मतगणना पर है। जिले के 11 ब्लाक में मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। मतगणना उन्हीं जगह पर होगी, जहां से पोलिंग पार्टी रवाना हुई थी। मतगणना में भीड़ रहती है। न्याय पंचायत के अनुसार वोट गिने जाते हैं। मतगणना में सभी प्रत्याशियों के एजेंट होते हैं। इसलिए प्रशासन के लिए मतगणना केंद्र पर कोरोना से बचाव की व्यवस्था बनाना चुनौती होगा।
गांवों में चुनाव के बाद चौपालों व घेर पर देर रात तक भीड़ लग रही है। लोग कोरोना से बेपरवाह हैं। काफी कर्मचारी गांवों से आते हैं। मतदान के दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों के काफी संख्या में संक्रमित होने से प्रशासन की नींद उड़ी है। इस बीच जगह-जगह से चुनाव ड्यूटी करके लौटे कर्मचारियों के बुखार से पीड़ित होने की खबरें आ रही है। कर्मचारी 22 अप्रैल को चुनाव ड्यूटी के बाद काम पर लौटेंगे।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा का कहना है कि मतगणना शुरू होने से पहले सभी मतगणना केंद्र को पूरी तरह सैनिटाइज किया जाए। मतगणना के लिए आने वाले एजेंट को कोरोना जांच के बाद ही मतगणना केंद्र में प्रवेश दिया जाए। इसके लिए एजेंट को सीएमओ द्वारा जारी किया गया कोरोना टेस्ट प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य हो। सीडीओ केपी सिंह का कहना है कि 22 अप्रैल से मतगणना की प्रारंभिक तैयारी शुरू हो जाएंगी।