शुरुआती लक्षण दिखने पर ही खुद को कर लिया था आइसोलेट
बिजनौर। दृढ़ इच्छाशक्ति और बुलंद हौसले से कोरोना को परास्त किया जा सकता है। यह किसी को भी हो सकता है। कोरोना संक्रमण से ग्रसित होने पर घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है, लेकिन इससे बचने के लिए सभी लोगों को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करना बेहद ही जरूरी है।
यह कहना है कि हल्दौर के मोहल्ला रईसान निवासी उदित मारवाड़ी का। उदित के अनुसार वे नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्य करते हैं। फिलहाल वे वर्क फ्रोम होम पर हैं। इसके बावजूद वे चार अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गए। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें शुरुआती लक्षणों के बारे में पता चला तो अपने घर पर ही आइसोलेट कर लिया। इसके बाद चिकित्सकों की सलाह पर वे समय पर दवाई लेते रहे और घबराए नहीं। उन्होंने बताया कि दृढ़ इच्छा शक्ति से स्वयं ही कोरोना ठीक हो जाता है। इससे बचने के लिए सभी लोगों को प्रीकॉशन लेनी बहुत जरूरी है। अगर किसी को लगता है कि उसे दिक्कत है, तो तुरंत ही अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। उसे हॉस्पिटल में दिखाना चाहिए। ज्यादा पेनिक होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे 98 प्रतिशत मरीज ठीक हो जाते हैं। जब तक उन्हें कोरोना संक्रमण रहा, तब तक वे होम आईसोलेशन में ही रहे। अगर बुखार होता था तो वे क्रोसिन, पैरासिटामोल अथवा हाईड्रोक्सीक्लोरोक्विन लेते रहते थे। उदित ने सभी लोगों से अपनी इम्युनिटी पावर बढ़ाने के लिए देसी नुस्खों पर भी अमल करने को कहा है। कोरोनिल दवा भी इसमें अच्छा काम करती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।