प्रशासकों के तैनाती के दौरान 156 पंचायतों में हुए खर्चों की जांच शुरू
रजनीश त्यागी
बिजनौर। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हुआ तो करीब छह माह के लिए ग्राम पंचायतों में प्रशासक तैनात कर दिए गए। कार्यकाल उम्मीद से ज्यादा लंबा रहा तो इनमें आने वाले बजट को भी धीरे धीरे ठिकाने लगा दिया गया। सभी पंचायतों में तो गड़बड़ी नहीं कही जा सकती, लेकिन मोटी रकम खर्च करने वाली पंचायतों की संख्या सैकड़े का आंकड़ा पार कर रही है। वहीं खर्च रकम का आंकड़ा भी एक करोड़ के पार बताया जा रहा है, जिसकी जांच अब शुरू हो चुकी है। वहीं 15 दिन पूर्व शुरू हुई जांच लगभग पूरी हो चुकी है, जिसमें कई पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
जिले में 1123 पंचायत हैं। इन पंचायतों में पिछली योजना के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 26 दिसंबर 2020 से 18 जून 2021 तक प्रशासक तैनात किए गए थे। इस छह माह की अवधि में जहां कोरोना की दूसरी लहर का समय भी रहा, जिसमें गांवों में तमाम सामान खरीदे गए, कई जगहों पर लाखों रुपये छोटे मोटे काम के लिए भी निकाल दिए गए। करीब 15 दिन पहले डीएम उमेश मिश्रा ने जिले में 106 पंचायतों की जांच शुरू करा दी थी, जिसकी जांच लगभग पूरी हो चुकी है। वहीं अब शासन स्तर से भी जिले की करीब 40 से ज्यादा पंचायतों की सूची बिजनौर के अधिकारियों को भेजी है और जांच शुरू करा दी है। 10 से ज्यादा पंचायतें और जांच के घेर में आ गई। अब तक देखा जाए तो 150 से ज्यादा ग्राम पंचायतों में प्रशासकों की तैनाती के दौरान हुए खर्चों की जांच चल रही है। इनमें नजीबाबाद, कोतवाली, मौहम्मदपुर देवमल, नूरपुर, जलीलपुर, धामपुर , हल्दौर, नहटौर, अफजलगढ़, स्योहारा, किरतपुर की ग्राम पंचायतें जांच के घेरे में आई हैं।
इन बिंदुओं पर करनी है जांच
-कोरोना काल में खरीदे उपकरण
-पंचायतों में सैनिटाइजेशन, सफाई
-उप स्वास्थ्य केंद्रों की साफ सफाई, रंगाई पुताई
-आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, जैसे साफ सफाई
-रंगाई पुताई, शौचालय निर्माण आदि
जो पुरानी जांच थी, उनकी रिपोर्ट आनी शुरू हो गई है। जल्द ही उनका विश्लेषण किया जाएगा। जिसने गलत किया होगा, कार्रवाई होगी। कुछ पंचायतों की जांच शासन स्तर से भी आई हैं, उनकी जांच भी शुरू करा दी गई है।
-कामता प्रसाद सिंह, सीडीओ, बिजनौर
किरतपुर ब्लॉक की कई पंचायतों में लाखों रुपये निकालने का आरोप
किरतपुर। क्षेत्र के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों द्वारा मुख्य विकास अधिकारी बिजनौर को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम पंचायत अधिकारी विशाल अग्रवाल और मोहित कुमार पर विकास कार्यों में अनिमियताओं का आरोप लगाया है। आरोप है कि स्थानांतरण होने के बाद इनके द्वारा लाखों रुपयों का ट्रांजेक्शन किया गया है।
क्षेत्र के ग्राम दूधली, बेगमपुर शादी, नंगला इस्लाम, पाडला, शाहपुरा, गोपालपुर, छितावर, सराय जीवन, चतर भोजपुर कुशल, इस्लामपुर साहू आदि गांव के प्रधानों ने मुख्य विकास अधिकारी से मिलकर उन्हें प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें आरोप लगाया है कि स्थानांतरण के बाद सात दिनों के अंदर ठेकेदार से हमसाज होकर लाखों रुपए का भुगतान कर दिया गया है। प्रधानों ने मुख्य विकास अधिकारी से ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई की मांग की है। दीपू राणा, देवेन्द्र सिंह, विजय सिंह, इसरार अहमद, रानी देवी, प्रिंस कुमार, अनीता, शमशाना एवं मौ. लडडन आदि हैं।