महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट
नांगलसोती/नजीबाबाद। बढ़ती महंगाई ने जहां आम आदमी की कमर तोड़ दी है, वहीं गृहिणियों की रसोई का बजट भी बिगाड़ दिया है। गृहिणियों ने सरकार से महंगाई पर अंकुश लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि कोरोना के कारण लोगों के काम-धंधे चौपट हैं और ऊ पर से महंगाई ने हाल बिगाड़ दिया है।
कोरोना की दूसरी लहर से पूर्व के दालों के दामों में पांच से दस रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इस समय बाजार में अरहर की दाल 100 रुपये किलो, चने की दाल 70 रुपये किलो, उड़द 90 रुपये किलो, राजमा 105 रुपये किलो, चीनी 3600 रुपये क्विंटल, 830 रुपये गैस का सिलिंडर है। सरसों के तेल का टीन पूर्व में 1500 रुपये का मिल रहा था, वह बढ़कर 2200 रुपये हो गया है। सब्जियों में आलू 20 रुपये किलो, टमाटर 40 रुपये किलो, लौकी 30 रुपये किलो, प्याज 30 रुपये किलो बिक रही है।
क्या कहती हैं महिलाएं
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महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है, अब कम चीजों से काम चला पड़ रहा है - ममता देवी, निवासी चमरोला।
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रसोई गैस के बढ़े दामों ने गृहिणियों को बचत को खत्म कर दिया है। गैस के दामों में गिरावट से गृहिणियों को राहत मिलेगी - शीतल देेवी, निवासी तिसोतरा।
फल-सब्जियों और गैस के दामों में गिरावट आए तो गृहिणियों की रसोई में रौनक लौट सकेगी - शीतल चौधरी, निवासी सराय आलम।
प्रदेश सरकार को महंगाई पर अंकुश लगाना चाहिए। इससे गृहिणियों को राहत मिलेगी - नीतू देवी, निवासी शहजादपुर।