नजीबाबाद के कोटावाली नदी पुल के निकट रपटे से बहता पानी।
- फोटो : NAZIBABAD
कोटावाली और मालन का बढ़ा जलस्तर
भागूवाला/नजीबाबाद। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में शुक्रवार रात हुई बारिश से कोटावाली नदी सहित क्षेत्र की नदियों का जलस्तर बढ़ गया। कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से कोटावाली नदी पुल के निकट रपटे से भारी वाहनों का आवागमन करीब तीन घंटे बंद रहा। उधर नजीबाबाद क्षेत्र में मालन नदी के उफान से कछियाना, खैरूल्लापुर सहित कई स्थानों पर कृषि भूमि का कटान हुआ।
नजीबाबाद तहसील से गंगा, कोटावाली, मालन, सूखरो, रवासन, रतनाल आदि नदियां बहती हैं। गंगा, मालन और कोटावाली नदियों का जलस्तर पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा से कभी भी उफान पर आ जाता है। नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग स्थित कोटावाली सड़क मार्ग पुल में दो वर्ष पूर्व खराबी आने के बाद से पुल से केवल हल्के वाहन गुजर रहे हैं। भारी वाहनों का आवागमन पुल के नजदीक बनाए गए रपटा मार्ग से हो रहा है।
शुक्रवार देर रात पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बारिश से कोटावाली नदी का जलस्तर तीन से चार फीट बढ़ गया। जलस्तर बढ़ते ही भागूवाला पुलिस चौकी ने कोटावाली रपटा मार्ग से शनिवार को प्रात: नौ बजे भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया। करीब तीन घंटे बाद जलस्तर घटने के बाद कोटावाली रपटा मार्ग से वाहनों को आवागमन शुरू हुआ। उधर नजीबाबाद क्षेत्र में मालन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से खैरूल्लापुर, कछियाना क्षेत्र में भी भूमि कटान हुआ। सब्जी की फसल उगाने वाले किसानों का मालन नदी के उफान से हर वर्ष नुकसान होता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से कटान को रोकने के लिए आधे क्षेत्र में ही पिचिंग लगाई गई।