मूल्यांकन में उपप्रधान परीक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ाई
बिजनौर। यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आज से शुरू है। मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगा। मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। इस बार उप प्रधान परीक्षक की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। इन्हें उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों की टेंपरिंग आदि की जांच करनी है। इसके बाद उत्तर पुस्तिका जांचने को दी जाएंगी। मूल्यांकन केंद्रों पर पर्यवेक्षक नियुक्त हो गए हैं।
जिले के तीन मूल्यांकन केंद्रों पर पांच लाख से अधिक उत्तर पुस्तिका जांचने का काम आज से शुरू हो जाएगा। अभी तक उप प्रधान परीक्षक कोठार से बंडल अपने बैच के परीक्षकों से मंगवा लेते थे। परंतु अब बंडल केवल उप प्रधान परीक्षक को ही मिलेगा। उप प्रधान परीक्षक कोठार से उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल लेते समय टेंपरिंग की जांच करेंगे। रोजाना परीक्षक द्वारा जांची 10 उत्तर पुस्तिकाओं का पुन: मूल्यांकन करेंगे। परीक्षक ओएमआर शीट में कटिंग या फ्लूड नहीं लगाएंगे। यह देखने की जिम्मेदारी प्रधान परीक्षक की होगी।
मोबाइल फोन पर रहेगा प्रतिबंध
डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत कुमार के अनुसार मूल्यांकन सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक होगा। उप प्रधान परीक्षक प्रति परीक्षक प्रति दिन हाईस्कूल की 50 तथा इंटर की 45 उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के लिए वितरित करेंगे। परीक्षक को परीक्षार्थी की उत्तर पुस्तिका पर आखिर में हस्ताक्षर करने अनिवार्य है। मूल्यांकन में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध है। उप प्रधान परीक्षक को निर्देश का पालन सुनिश्चित कराना है। अधिकारियों के निरीक्षण में मोबाइल मिलने पर परिषद के नियमों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई होगी। परीक्षकों को स्टेप वार नंबर देने हैं। खंडवार मार्किंग होगी। सभी खंड के नंबर एक जगह नहीं दिए जाएंगे। यदि परीक्षार्थी ने पेपर में पूछे गए सवालों से अधिक सवाल हल कर दिए हैं, तो सबसे कम नंबर वाला सवाल काटा जाएगा। सभी प्रश्नों का मूल्यांकन होना है। गलत जवाब पर शून्य नंबर देना है। सवाल को बिना नंबर दिए नहीं छोड़ना है।
प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से इतर होने पर मिलेंगे नंबर
गाइडलाइंस के अनुसार इंटर के 14 विषय के प्रश्नपत्र संकेतांक सहित चिह्नित किए गए हैं जिनमें प्रश्नपत्र में सवाल निर्धारित पाठ्यक्रम से इतर या विसंगति पूर्ण हैं। बताया जाता है कि विकल्पों में दो दो जवाब सही दे दिए जबकि एक जवाब सही होना है, या सवाल निर्धारित पाठ्यक्रम के अंतर्गत नहीं है या सवाल हटाए गए पाठ्यक्रम में से हैं। निर्देश में कहा गया है कि परीक्षार्थी द्वारा प्रश्न हल करने का प्रयास किया गया है या नहीं किया गया है, प्रश्न पर निर्धारित पूर्ण अंक देने हैं। केंद्रों के उपनियंत्रक परीक्षकों को निर्देश की जानकारी देंगे।
ये बनाए गए हैं पर्यवेक्षक
शासन के मूल्यांकन केंद्रों पर पर्यवेक्षक नियुक्त करने के निर्देश हैं। जीजीआईसी मूल्यांकन केंद्र की पर्यवेक्षक डॉ. निर्मला शर्मा, आरजेपी मूल्यांकन केंद्र के राकेश शर्मा, बीआईसी मूल्यांकन केंद्र के पर्यवेक्षक मनोज कुमार बनाए गए हैं। शासन ने विद्यालयों को नियुक्त परीक्षकों को कार्य मुक्त करने के निर्देश दिए हैं।