सहफसली खेती अपनाकर बढ़ाया मुनाफा
अफजलगढ़। किसान गन्ने के साथ सहफसली खेती करके मुनाफा कमा रहे हैं। गांव प्रेमपुरी निवासी किसान अमरीक सिंह गन्ने की फसल के साथ सहफसली खेती को अपनाकर अच्छी कमाई की। बाकी किसान भी अमरीक सिंह की तरह सहफसली खेती अपना रहे हैं।
द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारिकेशपुरम बहादरपुर परिक्षेत्र के गांव प्रेमपुरी निवासी कृषक अमरीक सिंह ने 2015-16 में वैज्ञानिक विधि से खेती करना प्रारंभ किया था। 2016 में शरदकालीन गन्ना की बुवाई ट्रेंच विधि से की थी। उन्होंने सहफसली के रूप में आलू, लहसुन, गेहूं व द्वितीय सहफसली के रूप में अदरक की बुवाई की थी। मुख्य फसल गन्ने की उपज 1350 क्विंटल प्रति हेक्टेयर प्राप्त करते हुए उन्होंने सहफसली उत्पादों से करीब 55 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से लाभ अर्जित किया। वे प्रति वर्ष शरदकालीन गन्ने की बुवाई के साथ सहफसली के रूप में आलू, मटर, प्याज, लहसुन, मसूर, चना आदि फसल की खेती करते आ रहे है।
2019 में शरदकालीन गन्ने की बुवाई इसमें पंक्ति से पंक्ति की दूरी नौ फीट रखी थी और सहफसली के रूप में प्याज, लहसुन, गोभी, चने की फसल की बुवाई की थी। कृषक ने सहफसल से करीब 38 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से लाभ प्राप्त किया। वर्तमान में गन्ने की फसल के साथ अदरक की बुवाई की है। इससे भी लगभग 18 हजार रुपये प्रति एकड़ लाभ का अनुमान है। साथ ही गन्ने की उपज 600 क्विंटल प्रति एकड़ प्राप्त करने का अनुमान है। इससे लगभग 1.40 लाख रुपये का लाभ प्रति एकड़ प्राप्त करना अनुमानित है। इस उन्हें एक एकड़ गन्ने की खेती व सहफसली से लगभग दो लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित करने का अनुमान है। मिल के अफसरों ने भी अमरीक सिंह के खेतों का निरीक्षण किया। इस मौके पर मुख्य महाप्रबंधक एसपी सिंह, उपगन्ना महाप्रबंधक अजय कुमार ढाका, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक विजयपाल सिंह, सचिव गन्ना समिति अफजलगढ़ साहब सिंह सत्यार्थी के अलावा अन्य प्रगतिशील कृषक मौजूद रहे।