बिजनौर। बिंदल समूह की इकाइयों पर आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग की जांच में करोड़ों की टैक्स चोरी का पता लगा है। बिजनौर की चांगीपुर शुगर मिल और डिस्टलरी में भी 18 मार्च से जांच की कार्रवाई चल रही थी। शुगर मिल में 84 घंटे जांच करने के बाद टीम रवाना हुई।
आयकर विभाग की मेरठ यूनिट और गाजियाबाद टीम की संयुक्त कार्रवाई में समूह की तीन करोड़ रुपये से अधिक की बिना हिसाब की नकदी और करीब 20 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद हुए हैं। विभाग ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 132 के तहत 18 मार्च को शुरू की। जो दिल्ली, मुजफ्फरनगर के अलावा बिजनौर जिले की चांगीपुर चीनी मिल में एक साथ चली। कार्रवाई में अधिकारियों को 50 से अधिक अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।
जांच में सामने आया कि समूह की पेपर और शुगर इकाइयों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की जा रही थीं। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि खोई समेत अन्य कच्चे माल की खरीद बिना लेखा-जोखा के की जा रही थी। कागज कारोबार में 50 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी खरीद के भी प्रमाण मिले हैं। साथ ही बिना हिसाब की बिक्री और नकद लेनदेन के जरिए मुनाफा छिपाने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, समूह अलग-अलग इकाइयों के लिए पृथक लेखा पुस्तिकाएं रखने में विफल रहा, जिससे कर लाभ की पात्रता संदिग्ध हो गई है। फिलहाल तलाशी की सक्रिय जांच समाप्त हो चुकी है, लेकिन विभाग की पोस्ट सर्च जांच जारी है।