म़ंडावर। गांव डैबलगढ़ में गंगा पर बनाया गया पुल को शुक्रवार को शुरू कर दिया गया। दो साल पहले गंगा में डूबे गांव किसानों के परिजनों व हादसे में बचे किसानों ने फीता काटकर पुल का शुभारंभ किया। भाकियू नेता राजेंद्र सिंह को गांव वालों ने गदा देकर सम्मानित किया।
गंगा की धारा हर साल कटान करते हुए खेतों की ओर बढ़ती है। कटान की वजह से किसानों की हजारों बीघा जमीन गंगा की धारा के दूसरी ओर जा चुकी है। किसान नाव से खेतों पर जाकर काम करते हैं। किसान कई बार नाव न मिलने या पानी कम होने पर पैदल भी गंगा पार जाते हैं। गंगा पर पीपे का पुल बनवाने के लिए किसानों ने पिछले साल भाकियू के युवा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में 32 दिन तक गंगा में खड़े होकर आंदोलन किया था। इसके बाद शासन ने उनकी मांग को मंजूर कर लिया था।
कुछ दिन पहले पुल का निर्माण शुरू किया गया था। शुक्रवार को गांव वालों ने कार्यक्रम करके खुद ही पीपे के पुल का शुभारंभ किया। भाकियू नेता राजेंद्र सिंह ने कहा कि 32 दिन भाकियू ने जो लड़ाई लड़ी थी, यह पुल उसी का फल है। समस्त गंगा खादर क्षेत्र वासियों व जनपद वासियों के कठिन परिश्रम से ग्राम राजा रामपुर देवलगढ़ शुक्रताल धाम के सामने पांटून पुल बनकर तैयार हो गया है। अब गंगा खादर क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल काटने के लिए ज्यादा परिश्रम नहीं करना पड़ेगा। पांटून पुल के बनने से गंगा खादर क्षेत्र में अब बहुत विकास होंगे। भाकियू लड़ाई लड़कर इस पांटून पुल को पक्का पुल बनवाने का काम करेगी। इस दौरान वीरेंद्र चौधरी प्रधान, प्रधान संसार सिंह, बृजपाल सिंह चौहान, इरफान, फैयाज, कक्कू, किरण पाल सिंह चौहान, विनीत कुमार दहिया, अनिल कुमार, प्रदीप कुमार, रमेश राजपूत, पंडित देवदत्त शर्मा, निरंजन कुमार, सतीश कुमार, जगदीश कुमार, मास्टर शोभाराम, आदि लोग मौजूद रहे
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