बिजनौर में कलक्ट्रेट में हुए बवाल के मामले में आजाद किसान यूनियन जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह समेत करीब 150 किसानों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट दर्ज होने से किसानों में खलबली मची है।
आजाद किसान यूनियन के आंदोलन के दौरान कलक्ट्रेट में सोमवार को बवाल हो गया था। किसान कलक्ट्रेट में चिता बनाकर आत्मदाह की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने किसानों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। इस मामले में सिविल लाइन चौकी पर तैनात दरोगा संजय गिरि की ओर से आजाद किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह व 150 अज्ञात किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। शहर कोतवाल बिजेंद्रपाल राणा के मुताबिक बलवा करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बूढ़े हो या जवान, किसी को नहीं बख्शा
पुलिस ने बूढ़े, जवान सभी किसानों पर जमकर लाठियां बरसाईं। कलक्ट्रेट में सादी वर्दी में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों ने तो किसानों को थप्पड़ भी जड़े। लाठीचार्ज की चपेट में कुछ फरियादी भी आए। कलक्ट्रेट खाली कराने के बाद भी पुलिस ने किसानों का पीछा नहीं छोड़ा। किसानों को गन्ना समिति के सभी कमरों से भी ढूंढकर पीटते हुए निकाला गया। पुलिस ने लाठीचार्ज के बाद भी डटे किसानों को हिरासत में ले लिया।
151 में चालान
पुलिस ने कलक्ट्रेट से आजाद किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह के अलावा झालू निवासी शकील, सुल्तानपुर आबाद निवासी हुकम सिंह, रायपुर बेरीसाल निवासी ओमपाल सिंह, कंभौर निवासी बब्लू, आदमपुर निवासी रामकरण व संजीव, मन्नूपुरम निवासी पवन कुमार व फिरोजपुर मुबारक निवासी धीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। इनका धारा 151 में चालान कर दिया है। वहीं, भाकियू भानू जिलाध्यक्ष वीर सिंह सहरावत ने बताया कि किसानों पर लाठी चार्ज करना प्रशासन का निंदनीय कदम है। लड़ाई जारी रखेंगे।
रालोद ने किया समर्थन
रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह ने बताया कि प्रदेश में किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। सूबे की सरकार किसानों का उत्पीड़न करने पर उतर आई है। जिसे रालोद बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने सोमवार को कलक्ट्रेट में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की तथा कहा कि प्रशासन किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने के बजाए किसानों पर लाठी बरसा रहा है। उन्होंने किसानों के आंदोलन का समर्थन करने की घोषणा की है। तथा किसानों के आंदोलन में रालोद किसानों के साथ हैं।
किसानों के तेवर देख अधिकारी हटे पीछे
किसानों के चिता लगाते ही अधिकारी किसानों के बीच आ गए, लेकिन उनके किसानों से बात करने से पहले ही किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। अधिकारी एकदम पीछे हो गए और पुलिसबल को आगे कर दिया।
चिता पर खड़े हो गए एसडीएम, सीओ
किसानों को चिता से हटाने के सारे प्रयास विफल होते देखकर एसडीएम बृजेश कुमार व सीओ सिटी महेश कुमार खुद चिता पर खड़े हो गए, लेकिन इसके बाद भी किसान चिता से नहीं हटे। किसानों को खदेड़ने के बाद पुलिस ने तुरंत ही चिता की बिखरी लकड़ी वहां से उठा ली।
ठंड में पानी की बौछार के बाद भी डटे रहे
सीओ सिटी महेश कुमार ने खुद किसानों पर वाटर केनन से पानी की बौछार की। ठंड में पानी की बौछार के बाद भी कई किसान कलक्ट्रेट में जमे रहे। किसानों ने पानी की बौछार का विरोध भी किया और पाइप खोलकर पुलिसकर्मियों पर पानी की धार छोड़ दी। सीओ सिटी पानी से भीग गए।