बिजनौर। विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए प्रभारी डीपीआरओ रिजवान अहमद को मुरादाबाद की जेल भेजा गया है। सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम बुधवार को उन्हें गिरफ्तार करने के बाद अपने साथ मुरादाबाद ले गई थी। वहां लंबी पूछताछ के बाद मुरादाबाद एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया, जहां से मुरादाबाद जेल भेज दिया गया।
प्रभारी डीपीआरओ रिजवान अहमद ने पंचायत सचिव से एक लंबित काम को पूरा करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रकम देने में असमर्थ पंचायत सचिव ने विजिलेंस टीम से संपर्क साधा। इसके बाद विजिलेंस टीम ने शिकायत की सत्यता की पुष्टि के लिए जाल बिछाया। टीम के दो सदस्य सुबह 10 बजे से ही कुर्ता पायजामा पहनकर कार्यालय के बाहर बैठे रहे। कार्यालय में आने वाले सभी लोगों पर निगाह रखी। कार्यालय में सभी लोग यहीं सोचते रहे कि कोई प्रधान बैठे हैं। इसी का टीम के सदस्यों ने फायदा उठाया और पूरी जानकारी जुटाई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद टीम सचिव के साथ पहुंची और 20 हजार रुपये की पहली किश्त लेते हुए प्रभारी डीपीआरओ रिजवान अहमद को गिरफ्तार कर लिया।
पूरे दिन विभाग में सफाई देता रहा सचिव
प्रभारी डीपीआरओ को पकड़वाने वाला सचिव पूरे दिन विभाग में सफाई देता फिरता रहा। विभागीय अधिकारियों ने प्रभारी डीपीआरओ की शिकायत करने पर उसे तलब किया। मगर, वह यह कहता रहा कि उसने डीपीआरओ को नहीं पकड़वाया। उसने कोई शिकायत नहीं की।
विकास भवन में दूसरे दिन भी रही चर्चा
रिश्वत लेते हुए प्रभारी डीपीआरओ के पकड़े जाने के बाद दूसरे दिन भी विकास भवन में चर्चाओं का माहौल रहा। लोग बुधवार को हुए घटनाक्रम पर बात करते रहे। इस घटना के बाद से विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों में भय बना हुआ है।