बिजनौर/नजीबाबाद। गांव भोगपुर में बच्चे को मारने वाले गुलदार को पीट पीटकर व गोली से मारने के मामले में वन विभाग द्वारा अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भाकियू किसानों के समर्थन में उतर आई है। प्रतिनिधिमंडल ने बारिश के बीच गांव जाकर मृतक बच्चे के परिजनों व गांववालों से वार्ता की। कहा कि संगठन गुलदार को मारने की जिम्मेदारी लेता है। अगर किसी गुलदार ने जिले में कहीं भी किसी किसान पर हमला किया तो फिर से उसे मार दिया जाएगा। साथ ही जिले के डीएफओ के खिलाफ छह लोगों की हत्या कराने की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह पदाधिकारियों के साथ भोगपुर गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसान वन्य जीवों से प्रेम करता है। वन्य जीवों द्वारा फसलों में किए जा रहे नुकसान की भी किसान अनदेखी कर लेते हैं, लेकिन किसान अपने परिवार के किसी सदस्य को वन्यजीव के हाथों मरते हुए नहीं देख सकता है। किसान गुलदार को देखने की शिकायत करते हैं तो वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी यह कहकर टाल देते हैं कि गुलदार तो जंगल में दिखेगा ही। गांव मोहंडिया के जंगल में दो हफ्ते से गुलदार एक खेत में है और वन विभाग के कर्मचारी उसे पकड़ने के लिए खेत में घुसे तक नहीं है। अगर गुलदार अब किसी और इंसान पर हमला करता है तो इसकी जिम्मेदारी वन विभाग के अधिकारियों की होगी। कहा कि अगर गुलदार मारने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है तो गुलदार के हमले में मरे लोगों के लिए सीधे सीधे वन विभाग के दोनों डीएफओ जिम्मेदार हैं। इन दोनों अफसरों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। अब गुलदार ने किसी पर हमला किया तो संगठन के लोग गांववालों के साथ मिलकर गुलदार को मारेंगे। अगर भोगपुर में गुलदार की हत्या में किसी की गिरफ्तारी होनी है तो सबसे पहले उनकी गिरफ्तारी हो। गुलदार द्वारा मारे गए किशोर प्रशांत के परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया गया। इस दौरान दीपक तोमर, मदन चौहान, विनोद परमार आदि मौजूद रहे।