धामपुर (बिजनौर)। रूबी ने 15 दिन पहले ही ऑपरेशन से बेटी को जन्म दिया था। ऑपरेशन के जख्म अभी भरे भी नहीं कि बेरहम ससुराल वालों ने उसको दुनिया से ही रुखसत कर दिया। रूबी दुनिया से जा रही थी मगर उसके माता-पिता भी अंतिम यात्रा से पहले उसका चेहरा भी नहीं देख पाए। हत्यारोपी पति मुकुल ने पुलिस को सफाई दी कि उसके ससुराल वालों ने नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल रखा था।
रूबी चौहान के शरीर को सोमवार की सुबह 9:00 बजे राम गंगा के घाट पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस अंतिम संस्कार में कुछ ही लोग शामिल हुए थे। जिस तरह से अंतिम यात्रा निकालने चाहिए थी ऐसा कुछ हुआ नही। इतना ही नहीं मोहल्ले वासी भी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। चुनिंदा लोगों के साथ ही आरोपी पति शव को नदी के घाट पर ले गया।
मृतका के मायके वालों को दोपहर करीब 12:00 मौत की जानकारी गांव के ही कुछ लोगों ने दी। पहले वे गांव में पहुंचे इसके बाद वह श्मशान तक दाैड़े तो वहां रूबी चौहान का शव पूरी तरह जल चुका था। माैके पर पहुंची पुलिस को भी कुछ हड्डी ही जांच के लिए मिल सकी है।
पुलिस ने बताया कि पकड़े जाने के बाद पति मुकुल ने पुलिस को बताया कि बेटी के जन्म के बाद ऑपरेशन के टांके ठीक नहीं हो पाए थे। जिसकी वजह से रात में 3:00 बजे महिला की मौत हो गई। जब पुलिस में सवाल किया कि मृतक के मायके वालों को क्यों नहीं बताया तो आरोपी का कहना था कि उन्होंने उसका फोन नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल रखा है।
पुलिस के अनुसार दामाद का नंबर ब्लैक लिस्ट होने का मतलब साफ है कि दोनों ही परिवारों में दूरियां बढ़ चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि बेटी होने से रूबी चौहान के ससुराल में कोई खुशी नहीं थी।
हरियाली तीज पर भी वह अपनी ससुराल में ही थी। अभी ऑपरेशन के जख्म भी नहीं भरे थे, कि आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी । बड़ी बात यह है कि हत्या कर देने के बाद आरोपियों ने मृतका के परिजनों को भी कोई सूचना नहीं दी। बल्कि गांव के लोगों ने घटना के बारे में उन्हें अवगत कराया। मृतका के परिजन सोमवार को थाने पहुंचे और घटना की पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने हत्या आरोपी मुकुल और सास सुशीला को गिरफ्तार कर चालान किया है।
शादी के बाद से ही परेशान कर रहे थे ससुराल वाले
मृतका के पिता ने बताया कि रूबी की जब से शादी हुई थी। तब से उसे उसके ससुराल वालों ने परेशान कर रखा था। कई बार हस्तक्षेप कर परिवार के लोगों को समझने का प्रयास किया । लेकिन उनकी समझ में नहीं आया। रूबी चौहान के साथ आए दिन मारपीट होती थी।
बेटी की बीमारी का बहाना बना गांव के एक व्यक्ति की कार को ले जाने का कर रहा था प्रयास
पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ के बाद बताया कि आरोपी मुकुल अपने 15 दिन की बेटी के बीमार होने का हवाला देते हुए गांव के एक व्यक्ति की कार को मांग कर ले ले जाने का प्रयास कर रहा था। लेकिन जैसे ही उसे पता लगा कि मुकुल नशे की हालत में कुछ कर सकता है। तो उन्होंने अपनी कर वापस मंगा ली। जिससे वह नाराज हो गया और फिर बाद और किसी अन्य वाहन से बच्ची को घर पर छोड़ रूबी चौहान को अपने साथ ले गया और घटना को अंजाम दे डाला।