बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक भारतेंदु ने अशोक को पत्नी और बेटों को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया है। दोषी अशोक को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई और एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकुल चौहान ने बताया कि थाना मंडावर में अतर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि उसकी बेटी शशि की शादी अशोक निवासी शहजादपुर के साथ हुई थी। शशि को तीन बच्चे भी हुए। शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग करते हुए उसका पति अशोक, जेठ, भतीजा और अन्य ससुराल वाले परेशान करते हुए मारपीट करते थे। 15 फरवरी 2017 को ससुराल वालों ने शशि और उसके दो मासूम बेटों अभिषेक तथा आयुष साल की जहर देकर हत्या कर दी। पुलिस की विवेचना में प्रकाश, कृष्णा उर्फ गोलू, प्रकाशो की नामजदगी गलत पाई गई। पुलिस ने अशोक के खिलाफ दहेज एक्ट और आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की वजह से मौत होना सामने आया था। अदालत ने मृतका के पति अशोक को दोषी ठहराते हए दहेज की एक्ट में दोषी पाते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है जबकि आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों ही सजाएं एक साथ चलेंगी।