स्योहारा। ग्राम मेवानवादा की पूर्व ग्राम प्रधान राहिल परवीन की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच के बाद बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर हत्या की धाराओं में दर्ज मुकदमे की विवेचना के बाद स्योहारा पुलिस ने मृतका के पति इसरत अली का आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में चालान कर दिया है।
इसी वर्ष 20 अगस्त को ग्राम मेवानवादा की ग्राम प्रधान राहिल परवीन की मौत को आत्महत्या बताया गया था। मृतका के भाई मेहराजुद्दीन पुत्र बदरुद्दीन निवासी ढाकी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर इसे हत्या बताया था। आरोप लगाया गया था कि पति इसरत अली के किसी अन्य महिला से संबंध थे, जिसके चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या कर घटना को आत्महत्या का रूप दिया।
मेहराजुद्दीन का कहना था कि पोस्टमार्टम के बाद शव को नहलाते समय शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए थे। न्यायालय के आदेश पर स्योहारा पुलिस ने हत्या व साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस जांच में यह सामने आया कि पति इसरत अली का व्यवहार और पारिवारिक परिस्थितियां ऐसी थीं, जिनके चलते मृतका मानसिक रूप से प्रताड़ित थी। सीओ अभय कुमार पांडेय ने बताया कि जांच में मृतका के पति इसरत अली को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी पाया गया है, जबकि अन्य पांच आरोपियों की भूमिका नहीं पाई गई।