चंदक क्षेत्र के ग्राम धर्मनगरी मार्कंडेपुरम में बुखार से पीड़ित ग्रामीण। संवाद
- फोटो : संवाद
बिजनौर/चंदक। स्वास्थ्य विभाग के जांच शिविर सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गए हैं। हकीकत में क्षेत्र के गांव बुखार के तप रहे हैं। इसकी पुष्टि शनिवार को पड़ताल में हुई। गैवलीपुर पंचायत में करीब 250 लोग बुखार की चपेट में हैं। उपचार के नाम पर पीड़ित अपने घरों पर ड्रिप लगवा रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग उनकी सुध नहीं ले रहा है।
शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे टीम गैवलीपुर पंचायत में पहुंची। इस पंचायत में गांव मार्कंडेय पुरम नई बस्ती भी आता है। शुरूआत में टीम मार्कंडेय पुरम में मनोज कुमार के घर पहुंची। यहां पता चला कि बुखार की वजह से उसके 11 वर्षीय बेटे मंयक की तबीयत खराब हुई।
मार्कंडेय पुरम निवासी जितेंद्र कुमार के घर में छह सदस्य हैं। इनमें से पत्नी पूजा, पुत्री रिया, भतीजी आसी समेत चार लोग बुखार से पीड़ित मिले। गांव में ही बुखार होने पर सीमा पत्नी अमित के रास्ते में चारपाई पर इलाज होता मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि गैवलीपुर और मार्कंडेय पुरम में बुखार का प्रकोप है। बुखार में तबीयत बिगड़ने पर लोग चंदक, मंडावर, बिजनौर, उत्तराखंड के कूड़ीभगवान में अपना इलाज करा रहे हैं। जहां बुखार से पीड़ित मरीजों का चिकित्सक भर्ती कर उपचार कर रहे हैं।
2900 है गैवलीपुर ग्राम पंचायत की आबादी, गंदगी का अंबार : ग्राम पंचायत गैवलीपुर की आबादी करीब 2900 हैं। गैवलीपुर में करीब 1500 और मार्कंडेय पुरम में करीब 1400 लोग निवास करते हैं। ग्रामीणों को आरोप है के गांव में गंदगी के अंबार लगे हुए है। पड़ताल के दौरान गांव में जगह-जगह पानी भरा हुआ मिला।
चंदक क्षेत्र के ग्राम धर्मनगरी मार्कंडेपुरम में बुखार से पीड़ित ग्रामीण। संवाद- फोटो : संवाद