स्योहारा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने सीएमओ बिजनौर को नोटिस जारी कर पूरी जांच रिपोर्ट तलब की है।
स्योहारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 28 फरवरी को प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई थी। बाद में वर्ल्ड एक्रेडिटेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स के राष्ट्रीय महासचिव और मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. तारिक जकी ने इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग में की। आयोग ने सीएमओ बिजनौर को नोटिस जारी कर पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने निर्देश दिया है कि शिकायतकर्ता डॉ. तारिक जकी को जांच प्रक्रिया में शामिल करते हुए 17 अप्रैल 2026 तक रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाए। सीएचसी में एमबीबीएस महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है जबकि यहां हर महीने करीब 120 प्रसव होते हैं। इनमें से अधिकांश प्रसव बीयूएमएस चिकित्सक और स्टाफ नर्स के माध्यम से कराए जाते हैं। डॉ. तारिक जकी ने कहा कि अगर, सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराए जा रहे हैं तो वहां स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो। साथ ही नवजात आपात चिकित्सा सुविधा होने की बात कही। इस संबंध में सीएमओ डॉ. कौशलेंद्र सिंह का कहना है अभी आयोग की तरफ से नोटिस की जानकारी नहीं है। अगर, नोटिस आता है तो उसका जवाब दिया जाएगा।