बिजनौर। होम्योपैथिक चिकित्सकों को अब हर पांच साल में अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना होगा। होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के आदेश पर यह नियम लागू किया गया है। पालन न करने वालो पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ़ आरती गुप्ता ने बताया कि पहले सिर्फ जिला स्तर पर हर साल पंजीकरण का नवीनीकरण होता था। अब होम्योपैथिक बोर्ड में हर पांच साल बाद सभी होम्योपैथिक में सेवा देने वाले चिकित्सकों को पंजीकरण का नवीनीकरण कराना होगा।
नए नियमों के अनुसार पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराने वाले चिकित्सकों को प्रैक्टिस की अनुमति नहीं मिलेगी। बिना पंजीकरण प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की जानकारी को अद्यतन करने के लिए यह नियम बताया बया है। नवीनीकरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन भी किया जा सकेगा।
अनिवार्य है एचपीआर आईडी :
सभी होम्योपैथिक चिकित्सकों को अपनी हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री भी करानी होगी। इस आईडी का ब्योरा भी जिला होम्योपैथिक कार्यालय में रखा जाएगा। इसके माध्यम से हर चिकित्सक का डाटा अलग किया जाएगा। सरकारी तथा प्राइवेट दोनों जगह ही दवा देने वाले चिकित्सकों को यह आईडी बनानी होगी। - डॉ़ आरती गुप्ता जिला होम्योपैथिक अधिकारी