हिंदी सरस और सरल भाषा, व्यवहारिक रूप में करें स्वीकार
नजीबाबाद। हिंदी दिवस पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिंदी के अभिनव विकास का संकल्प लिया। विभिन्न स्कूलों में आयोजित संगोष्ठियों में अंग्रेजी भाषा के मोह को त्यागकर हिंदी को व्यवहारिक रूप में स्वीकार करने पर जोर दिया गया।
मो.अली जौहर गर्ल्स इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्या ज्योति शर्मा ने हिंदी लेखन शुद्धता और मात्राओं के ज्ञान की जानकारी दी। संगोष्ठी में हिंदी भाषा के अभिनव विकास पर चर्चा में भाग लेते हुए छात्राओं की ओर से निशात, मुस्कान समीर, जीनत, मिजोहा, सोनिया, जैनब, समरा, महक और शिक्षिकाओं की ओर से अलमास, गुलफ्शा, आलिया, सरवत परवीन आदि ने हिंदी को सहज और सरल भाषा बताया।
एनआईआईटी के कला संकाय विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के कार्यकारी निदेशक अभिनव अग्रवाल, प्राचार्या डा.नीलावती ने देश और विदेश में हिंदी के बढ़ते प्रभाव की चर्चा की। हिंदी विभागाध्यक्ष जसवंत सिंह ने मेरा अभिमान है हिंदी, मेरा सम्मान है हिंदी... के माध्यम से हिंदी के अभिनव विकास के लिए हिंदी भाषा को व्यवहार में लाने की सलाह दी। सियाराम सिंह के संचालन में आयोजित संगोष्ठी में डा.नवनीत राजपूत, मनोज खरियान, डा.पीसी राम, मोहित गर्ग सहित अनेक वक्ताओं ने भाग लिया।
वालिया ग्लोबल एकेडमी में प्रधानाचार्य डा.श्याम बिहारी तिवारी के निर्देशन में आयोजित हिंदी संगोष्ठी में अथर्व, निकुम, अंशिका, हाजिक अली, आस्था, तनिष्का आदि ने भाग लिया।
आरआर मोरारका पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्या सुचित्रा मालवीय के निर्देशन में हिंदी पखवाड़े के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। हिंदी पुरोधाओं के व्यक्तित्व और कृतित्व पर भी चर्चा हुई। प्रधानाचार्या ने कहा कि हिंदी सभी भाषाओं की जननी और संस्कृत की पुत्री है। उन्होंने हिंदी को सरल, सरस भावों की अभिव्यक्ति बताया। विभागाध्यक्ष सुषमा अग्रवाल, वंदना जोशी, कीर्ति सक्सेना, हेमंत, अनीता, गीता जुनैजा, रजनी शर्मा, सुनीता यादव ने संगोष्ठी में भाग लिया।
नजीबाबाद के एनआईआईटी में हिंदी संगोष्ठी में भाग लेते शिक्षक।- फोटो : NAZIBABAD
नजीबाबाद के वालिया ग्लोबल एकेडमी में हिंदी संगोष्ठी में भाग लेने वाले छात्र।- फोटो : NAZIBABAD