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विदुरकुटी आए थे पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

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बिजनौर में विदुर कुटी में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा किये गए शिलान्यास का पुस्तकालय में लगा - फोटो : BIJNOR
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विदुरकुटी आए थे पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
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बिजनौर। देश के पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डा. राधाकृष्णन 1961 में बिजनौर आए थे तथा उन्होंने विदुर कुटी में भारत माता मंदिर का शिलान्यास किया था।
बिजनौर के इतिहास के जानकार हेमंत कुमार बताते हैं कि भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद 1960 में महात्मा विदुर की प्रतिमा का अनावरण करने विदुर कुटी आए थे। तब एक मंदिर पुस्तकालय और एक हॉल के निर्माण का विचार बना था। यह वहां के वृद्धाश्रम को अच्छा स्वरूप देने के लिए तय हुआ था। इस क्रम में 22 नवंबर 1961 को तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन विदुर कुटी आए थे। उन्होंने भारत माता मंदिर का शिलान्यास किया था। मंदिर के साथ एक हाल और पुस्तकालय का निर्माण भी प्रस्तावित था। निर्माण के बाद से ही पुस्तकालय इन दिनों विभूतियों की याद दिलाता रहता है।
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इस दौरान उन्होंने जनपद के वरिष्ठ शिक्षाविदों से बात भी की थी। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष मास्टर बलराम सिंह बताते हैं कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन उच्च कोटि के विचारक थे। उन्होंने भारत के दर्शनशास्त्र से पूरे विश्व को अवगत कराया। डा. राधाकृष्णन ने हिंदू धर्म की सहिष्णुता को पश्चिमी देशों में भी बताया। डा. राधाकृष्णन मानते थे कि हिंदू धर्म समस्त धर्मों को सम्मान देने वाला धर्म है। सर्वपल्ली राधाकृष्णन जीवन भर शिक्षक की भूमिका में रहे। वह पहले अराजनैतिक व्यक्ति थे, जो देश के उपराष्ट्रपति बने और फिर राष्ट्रपति बने।
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