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मानचित्र का अभ्यास अंक लाने में सहायक

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मानचित्र का अभ्यास अंक लाने में सहायक
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बिजनौर। यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम बदलाव में इंटरमीडिएट भूगोल का पेपर लंबा हो गया है। अब एकल पेपर में पहले के मुकाबले करीब दोगुने सवाल आएगा। इसलिए छात्रों को पेपर तय समय में हल करने के लिए टाइम मैनेजमेंट जरूरी है। यदि छात्र सवालों के बिना समय खराब किए टु द प्वाइंट जवाब लिखता है तो गणित विषय की तरह खूब अंक आ सकते हैं।
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यूपी बोर्ड ने एनसीईआरटी सिलेबस पिछले साल से लागू किया है। सिलेबस के अनुसार एकल पेपर है। साथ ही पेपर का पैटर्न भी बदला है। इंटरमीडिएट भूगोल विषय में इस बदलाव की कुछ अलग झलक है, इसलिए भूगोल विषय लेने वाले छात्रों को कुछ अलग हटकर परीक्षा की तैयारी करनी है। राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर के भूगोल प्रवक्ता कैलाश चंद बताते हैं कि पहले पेपर में 14 प्रश्न आते हैं, लेकिन अब पेपर में 26 सवाल आएंगे। पेपर लैंदी हो गया है। इसको देखते हुए सवालों के जवाब की शब्द संख्या निश्चित कर दी गई है। छात्र को अच्छे अंक लाने के लिए दिए निर्देश के अनुसार जवाब देना है। डायग्राम और आरेख जहां जरूरी है वहां बनाएं। सवाल में अंकों का विभाजन में डायग्राम भी शामिल होते हैं । चित्रों को पहले बनाने का नियमित अभ्यास करें। चित्र पेंसिल से बनाएं। कैलाश चंद ने बताया कि पेपर में प्रश्न एक से आठ तक बहुविकल्पीय एक-एक नंबर के, प्रश्न नौ से 18 अतिलघु उत्तरीय एक एक अंक के, प्रश्न 19 से 24 लघु उत्तरीय चार चार अंक के, प्रश्न 25 से 26 विस्तृत उत्तरीय प्रत्येक नौ अंक के है। छात्र को अति लघु उत्तरीय सवाल का जवाब 25 शब्दों, लघु उत्तरीय सवाल का जवाब 50 शब्दों तथा विस्तृत उत्तरीय सवाल का जवाब 150 शब्दों में लिखना है। छात्र को शब्द सीमा का ध्यान रखना है। जवाब शब्दों में अनाप शनाप की बात लिखने से न तो तय समय में पेपर पूरा होगा और नहीं अच्छे नंबर आ सकेंगे। जवाब टू दी प्वाइंट लिखने पर गणित की तरह पूरे अंक आएंगे। भूगोल विषय में मानचित्र का अलग महत्वपूर्ण है। मानचित्र बना कर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, समुद्र, पठार, पहाड़, आदि पूछे जाते हैं। मानचित्र में 10 सवाल पूछे जाते हैं। ये बिल्कुल सोलिड मार्क्स हैं। मानचित्र के लोकेशन का नियमित रिवीजन करें। जनसंख्या वितरण, घनत्व, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, परिवहन संचार भारत की अर्थव्यवस्था, जल संसाधन, खनिज ऊर्जा संसाधन, विशेष पढ़ाई करने वाले महत्वपूर्ण टॉपिक हैं। कैलाश चंद बताते हैं कि परीक्षा में कम टाइम है इसलिए मानचित्रों की स्टडी शुरू कर दें। अपने टीचर से सैंपल पेपर बनवाकर टाइम मैनेजमेंट करें। पेपर तीन घंटे में करने की प्रेक्टिस करें।
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