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हेजरपुर पर भारी गुजरे 14 दिन, नौ मौत से दहशत

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हेजरपुर पर भारी गुजरे 14 दिन, नौ मौत से दहशत
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नगीना। एक ओर कोरोना लोगों में दहशत फैला रहा था, तो दूसरी ओर बुखार, फेफड़ों का इंफेक्शन, ऑक्सीजन का स्तर कम होने की समस्या लोगों की जान ले रही थी। बीमारी चाहे जो रही हो, लेकिन नगीना क्षेत्र के ग्राम हेजरपुर के लिए पिछले 14 दिन सबसे डरावने रहे। यहां दो सप्ताह में ही नौ लोगों की बुखार सहित विभिन्न बीमारियों से मौत हो गई। ग्रामीण अभी भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के आने का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही गांव में बंद पड़े स्वास्थ्य उप केंद्र पर लटके ताले के खुलने का इंतजार है।
गांव में ग्राम पंचायत चुनाव के बाद 24 मई से मौतें होने का जो सिलसिला शुरू हुआ। ग्रामीणों की मानें तो इस दौरान अलग-अलग आयु के नौ लोगों की बुखार सहित विभिन्न बीमारियों से मौत हो जाने के बाद ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है की भगवान का शुक्र है कि सात मई के बाद फिलहाल अभी मौत का सिलसिला तो रुका हुआ है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में एक बार भी आना गंवारा नहीं समझा। गांव में सफाई व्यवस्था तो बेहतर है, लेकिन ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग की टीम के गांव में आने का बेसब्री से इंतजार है।
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उपकेंद्र खुला पर चला नहीं : ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान श्रीमती सर्वेश सिंह व उनके पति प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि गांव में कई साल पहले स्वास्थ्य उप केंद्र की स्थापना हुई थी, लेकिन आज तक यह अस्पताल ग्रामीणों को कोई सुविधा नहीं दे पाया। कोरोना महामारी के इस विषम परिस्थितियों में भी इस उप केंद्र पर पहले की तरह ताला लटका हुआ है तथा यह बदहाल स्थिति में पड़ा है। ग्राम प्रधान पति ने यहां तक कहा कि यदि स्वास्थ्य विभाग गांव में लोगों की जांच कराए तो कई बीमार लोग मिल जाएंगे।
बीमार लोगों की हो जांच : पूर्व ग्राम प्रधान
गांव के पूर्व प्रधान पति सुशील कुमार का कहना है कि इस कोरोना महामारी में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक बार भी गांव में पहुंचकर लोगों की कोरो ना जांच नहीं कराई गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से गांव में टीम भेजकर लोगों की कोरोना और अन्य बीमारी की जांच कराने तथा उपचार की समुचित व्यवस्था कराए जाने की मांग की है।
अंतिम संस्कार में आई परेशानी: अरुण कुमार
रोजगार सेवक अरुण कुमार का कहना है कि गांव में आज तक श्मशान घाट नहीं बना। श्मशान घाट की वजह से लोगों को अंतिम संस्कार करने में काफी समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से गांव में बंद पड़े स्वास्थ्य उपकेंद्र को चालू कराए जाने की मांग की है।
चिकित्सकों की हो तैनाती: डॉ. भूपेश चौहान
डॉक्टर भूपेश चौहान का कहना है की इस वैश्विक महामारी में सभी खाली पड़े पीएचसी और उप केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों की रिक्त पदों पर संविदा भर्ती होनी चाहिए ताकि ग्रामीणों का भी समय रहते सही उपचार हो सके
इन लोगों की चली गई जान
ग्राम प्रधान श्रीमती सर्वेश सिंह ने बताया की पिछले 14 दिनों में कमल 40 वर्ष, जयपाल सिंह 59 वर्ष, रहमान 60 वर्ष, छत्र कुमार 67 वर्ष, महिपाल 62 वर्ष, राजकुमार 85 वर्ष, कुसुमलता 60 वर्ष, चमन सिंह 85 वर्ष, केलो वती 70 वर्ष की बुखार, ऑक्सीजन की कमी सहित विभिन्न बीमारियों के कारण मौत हुई है।
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गांव में भेजी जाएगी टीम: डॉ. प्रमोद देशवाल
कोतवाली पीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमोद देशवाल का कहना है की कोरोना की जांच सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर हो रही है। फिर भी ग्राम हेजरपुर में स्वास्थ्य टीम भेजकर लोगों की कोरोना जांच कराई जाएगी।
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