स्वास्थ्य विभाग के पास बुखार की दवा तक नहीं
बिजनौर। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खिलाफ काफी हद तक कारगर मानी जा रही मोलनूपिराविर टैबलेट स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। आम मेडिकल स्टोर पर भी इस दवा की उपलब्धता बहुत कम है। विभाग अब इस दवा का इंतजाम करने में जुट गया है। मेडिकल संचालकों को भी यह टैबलेट लाने के लिए कहा जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग कोरोना की तीसरी लहर से मरीजों को बचाने के लिए हर संभावित तैयारी कर रहा है। इस बार दवा से लेकर मरीजों के लिए बेड तक का इंतजाम काफी पहले कर दिया गया है। विभाग ने स्टाफ से लेकर बाकी हर संभावित जरूरत को देखते हुए काम किया है। चार अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट बना दिए गए हैं। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सिलिंडर आदि की भी पूरी व्यवस्था कर ली गई है। कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रोन जिले में अब तक मिला नहीं है लेकिन सारी तैयारी इसी को देखते हुए की जा रही है। ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ मोलनूपिराविर टैबलेट को सबसे काफी हद तक कारगर माना जा रहा है। नई दवा के नए वेरिएंट में कारगर बताए जाने पर अब इसे लेने की कोशिश शुरू हो गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास अभी ये दवा नहीं है। विभाग को तो इसकी खेप शासन द्वारा ही भेजी जाएगी। मेडिकल संचालकों को यह दवा लाने के लिए कहा जा रहा है।
पहले थी दूसरी दवाइयों की मांग
कोरोना के खिलाफ सबसे पहले हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वाइन की मांग बढ़ी थी। तब देश से यह दवा विदेशों तक में भेजी गई थी। पिछले साल कोरोना से बचाव के लिए विटामिन सी की टैबलेट और रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग सबसे ज्यादा था।
करा रहे दवा की आपूर्ति
औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा के अनुसार मोलनूपिराविर दवा मंगवाई जा रही है। मेडिकल संचालकों को यह दवाई लाने के लिए कहा गया है।