नजीबाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग की मुख्य अध्यापिका को शिकायत पर कार्रवाई रोकने के नाम पर 35 हजार रुपये की मांग की गई। सूझबूझ से मुख्य अध्यापिका ठगी का शिकार होने से बच गई।
प्राथमिक विद्यालय करौली के शिक्षामित्र उमेश कुमार के मोबाइल फोन पर रविवार दोपहर को कॉल आई। कॉलर ने स्वयं को बेसिक शिक्षा अधिकारी का बाबू बताते हुए मुख्य अध्यापिका की शिकायत शासन स्तर पर पहुंचने की जानकारी दी। शिक्षामित्र ने कॉन्फ्रेंस पर लेकर मुख्य अध्यापिका तबस्सुम परवीन से बात कराई।
तबस्सुम परवीन द्वारा स्वयं उनके मोबाइल पर कॉल करने को कहा तो कॉलर ने स्वयं को बीएसए का बाबू आलोक वर्मा बताया। उसने शिकायत में बच्चों के साथ अनावश्यक रूप से मारपीट करने, मिड-डे मील में गड़बड़ और अन्य गंभीर शिकायत होने की बात कही। कॉलर ने कार्रवाई को रोकने के लिए आधे घंटे के भीतर 35 हजार रुपये देने को कहा।
मुख्य अध्यापिका ने पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर तत्काल बेसिक शिक्षा अधिकारी और शिक्षक नेता मोबीन हसन को कॉल की जानकारी दी। संबंधित मामले में फर्जी कॉल नंबर के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए मुख्य अध्यापिका ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से अनुमति मांगी है। खंड शिक्षा अधिकारी राज मोहन गुप्ता ने मुख्य अध्यापिका पर ठगी से संबंधित कॉल आने की सूचना मिलने की पुष्टि की।