- जिले के खाद बीज दवाई विक्रेताओं ने लगाया आरोप
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बिजनौर। जिलेभर के खाद, बीज, दवाई विक्रेता मंगलवार को एक बैंक्वेट हॉल में एकत्र हुए। यहां से वह उत्पीड़न के खिलाफ व अपनी मांगों के हक में प्रदर्शन करते हुए नगर के मुख्य चौराहों से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। बाद में खाद बीज एवं दवाई विक्रेता संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा।
प्रदर्शन सभा में महामंत्री मुनीश त्यागी ने कहा कि उर्वरक निर्माता कंपनियों द्वारा यूरिया 242 से लेकर 246 तक होलसेलर को बिल किया जा रहा है। इस पर केवल 4 से 5 रुपये ही भाड़ा दिया जा रहा है। जबकि भाड़ा 25 से 30 रुपये तक आ रहा है। लोडिंग का भी दस रुपये लग रहा है। कहा कि भारत सरकार के नियमों के अनुसार सभी खाद रिटेलर के गोदाम तक एफओआर सुविधा के तहत पहुंचाने चाहिए।
संगठन के अध्यक्ष वीके गुप्ता ने कहा कि तीस से 40 प्रतिशत तक अन्य उत्पाद भी टैगिंग जबरन किया जा रहा है। रामअवतार सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा कीटनाशक की गुणवत्ता पर सवाल उठाकर व्यापारी के खिलाफ लाइसेंस निलंबन और मुकदमे की कार्रवाई की जा रही है। सभी व्यापारियों ने कहा कि चेकिंग के नाम पर अधिकारियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- यह रही व्यापारियों की मुख्य मांग
- शासन द्वारा फर्टिलाइजर निर्धारित रेट में दिलाया जाए
- सभी प्रकार की टैगिंग बंद की जाए
- कार्रवाई व्यापारी पर न होकर केवल निर्माता कंपनी पर की जाए
- जिन व्यापारियों पर कार्रवाई की गई। उनपर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाए,
- जनपद के बाहर से आई टीम अधिकारी बताकर प्रताड़ित करती है। ऐसे उत्पीड़न रोके जाएं
- सभी शुगर मिलों द्वारा अनैतिक रूप से गांव-गांव जाकर किसानों के कीटनाशक दवा वितरित करने पर रोक लगाने की मांग