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राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट में गुर्जर भी हों शामिल: मलूक

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राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट में गुर्जर भी हों शामिल : मलूक
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बिजनौर। सांसद मलूक नागर ने संसद में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पिछड़ों के लिए आरक्षित सरकारी पदों को भरने, इनके अनुपात के हिसाब से देश और की सरकारों में मंत्री बनाने तथा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण संबंधी ट्रस्ट में गुर्जर जाति व अन्य पिछड़ी जातियों से भी ट्रस्टी बनाने की मांग की।
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सांसद मलूक नागर ने 12 मार्च को भी संसद में पिछड़ों के लिए आरक्षित पदों को अति शीघ्र भरने और रेल मंत्रालय की मांगों पर चर्चा के दौरान गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बजट 14 पर्सेंट बढ़ाया या घटाया गया है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, इससे भी ज्यादा जरूरी है कि जितनी भी एससी, एसटी या ओबीसी से रिलेटेड संस्थाएं हैं, कंपीटेंट अथॉरिटीज हैं, एपिलिएट कोर्टस हैं, कमीशन हैं, आयोग हैं, क्या उनकी संख्या पूरी सरकार ने भर रखी है, जिससे कि उन्हें न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि करीब 300 साल गुर्जर प्रतिहार का राज रहा है। अयोध्या में ट्रस्ट बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश आया है, उससे जाहिर होता है कि के.के मोहम्मद की रिपोर्ट में गुर्जर प्रतिहारों ने वह मंदिर बनवाया, जहां आज राम मंदिर बनाने की शुरुआत हो रही है। सांसद ने कहा कि गुर्जर जाति के साथ साथ अन्य पिछड़ों को भी मंदिर बनाने के जो 11 ट्रस्टी बनाए हैं, उनमें पिछड़ों को, जाटों को, गुर्जरों को, पाल, सैनी, कश्यप, तमाम पिछड़ों की भागीदारी हो और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
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