अभी जंगल में नहीं छोड़ा गया गुलदार
अफजलगढ़। गुलदार के हमले में मारे गए गांव अलियारपुर निवासी बालक का शव गांव पहुंचने पर उसके घर लोगों की भारी भीड़ लग गई। सोमवार सवेरे शव को रामगंगा के घाट पर दफना दिया गया। वहीं गुलदार को अभी तक जंगल में नहीं छोड़ा गया है। उसे अमानगढ़ वन रेंज में ही रखा गया है।
रविवार को गुलदार दस साल के नितेश को गन्ने के खेत में खींचकर ले गया था और उसे मार डाला था। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने रविवार को ही मौके पर जाकर गुलदार को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगवा दिए थे। देर शाम इसमें सफलता मिली और गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार को अमानगढ़ में रखा गया है। वहां उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है। पकड़ा गया गुलदार नर है।
उधर, नितेश का शव पोस्टमार्टम के बाद देर रात गांव आने पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सोमवार की सवेरे रामगंगा घाट पर शव को दफना दिया गया। गांव के लोगों द्वारा वन विभाग के अधिकारियों से अन्य गुलदार होने की शंका जाहिर की गई। इसलिए वन विभाग ने अभी गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा उसी क्षेत्र में लगा रखा है। वन कर्मी भी क्षेत्र में कांबिंग कर रहे हैं।
डिप्टी रेंजर सुनील राजौरा ने बताया कि शीघ्र ही रेंज चिह्नित कर गुलदार को छोड़ा जाएगा। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने बताया कि संभावित गुलदार बाहुल्य क्षेत्र के स्थानों को चिह्नित कर पिंजरे लगवाए जाएंगे। उन्होंने शीघ्र ही नियमानुसार कार्रवाई कर बालक के परिजनों को समय से मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया है।