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कालागढ़ में दिखा गिद्धों का समूह

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कालागढ़ के सूखास्रोत मे बैठे गिद्ध। - फोटो : BIJNOR
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कालागढ़ में दिखा गिद्धों का समूह
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कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क के कालागढ़ में गिद्धों का एक समूह दिखाई देने से वन विभाग अधिकारियों में हर्ष की लहर है। वहीं कोठराव में वन विभाग गिद्धों का इंतजार कर रहा है। गिद्धों के दिखाई देने को वन विभाग के अधिकारी पर्यावरण की शुद्धता का सूचक मान रहे हैं।
कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क के कालागढ़ में बृहस्पतिवार को गिद्धों का एक समूह सूखास्रोत में देखने को मिला। इस समूह में 40-50 तक गिद्ध दिखाई दिए। सूखास्रोत में अक्सर होली पर्व से पूर्व गिद्ध नजर आते हैं। इस बार काफी पहले ही गिद्धों की आमद हो गई है। वहीं, कार्बेट पार्क के अन्य इलाकों में गिद्ध के नहीं दिखाई देने पर चिंता है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन रमाकांत तिवारी का कहना है कि कालागढ़ में गिद्धों का इतनी संख्या में दिखाई देना पर्यावरण की शुद्धता को दर्शाता है। इस जीव के कारण पर्यावरण की शुद्धता बनी रहती है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में गिद्धों के घोंसले मौजूद हैं। इनका संरक्षण किया जा रहा है। इस बार कोठीराव के वनों में गिद्ध देखने को नहीं मिले है। वहां इनका 30-35 का समूह नजर आता है। वन विभाग इनका इंतजार कर रहा है। गश्ती दल को इसके लिए निर्देश दिए गए हैं, गिद्धों की निगरानी की जा रही है।
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वन्यजीवों से दूरी बनाने के दिए निर्देश
कालागढ़। मौसम के एक बार फिर से सर्द होने के साथ ही कालागढ़ क्षेत्र में कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से हाथी निकल आए हैं। हाथी जंगलों से बाहर सड़कों पर आसरा ले रहे हैं। पटेरपानी से सैंडिल बांध होकर रामगंगा बांध के जल विद्युत गृह क्षेत्र में हाथी दिखाई दे रहे हैं। वन विभाग पहले ही यहां वन्यजीवों के होने की बात कह चुका है। कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि रामगंगा बांध का क्षेत्र कार्बेट टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों का विचरण स्थल है। यहां अक्सर जीव आ जाते हैं। बेहतर है कि इन जीवों से दूरी बनाए रखें। वहीं, क्षेत्रीय लोगों को आवागमन के दौरान वन्यजीवों के हमले का डर सता रहा है।
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